मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है. ATF यानी एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब सीधे हवाई यात्रियों की जेब तक पहुंच चुका है. महंगे ईंधन के दबाव के बीच देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने अपने Fuel Charge में फिर बदलाव किया है. अब नई दरें 2 अप्रैल से की गई सभी नई बुकिंग पर लागू होंगी चाहे यात्रा घरेलू हो या अंतरराष्ट्रीय. पहले जहां सभी घरेलू रूट पर ₹425 का फ्लैट Fuel Charge लागू था अब इसे दूरी के आधार पर तय किया गया.
500 किलोमीटर तक के सफर पर चार्ज ₹275
500 से 1000 किलोमीटर के लिए ₹400
1000 से 1500 किलोमीटर के लिए ₹600
1500 से 2000 किलोमीटर के लिए ₹800
2000 किलोमीटर से ज्यादा की उड़ान पर ₹950 Fuel Charge देना होगा
छोटे रूट पर थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए खर्च बढ़ गया है. 14 मार्च को पहली बार Fuel Charge लगाया गया था, लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण एयरलाइन को इसे फिर संशोधित करना पड़ा है. यह महज तीन हफ्तों में दूसरा संशोधन है. 14 मार्च को पहली बार Fuel Charge लगाया गया था, लेकिन वेस्ट एशिया में जारी तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण एयरलाइन को इसे फिर संशोधित करना पड़ा है.
घरेलू उड़ानों पर सरकार ने हस्तक्षेप किया है जिससे यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली है. पेट्रोलियम मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को केवल 25 फीसदी तक की आंशिक बढ़ोतरी पास करने की अनुमति दी है ताकि टिकट कीमतों में अचानक बड़ा उछाल न आए. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर तस्वीर बिल्कुल अलग है. यहां सरकार की ओर से कोई सीमा तय नहीं की गई जिसके चलते Fuel Charge में तेज उछाल आया है.
इंटरनेशनल रूट पर तीन हफ्तों में कई गुना बढ़ोतरी
14 मार्च को मिडिल ईस्ट के लिए करीब ₹900, साउथ एशिया और चीन के लिए ₹1,800, यूरोप के लिए ₹2,300 फ्यूल सरचार्ज फिक्स किया गया था. वहीं अब 2 अप्रैल से Middle East के लिए ₹3,000 से ₹5,000, साउथ एशिया और चीन के लिए ₹3,500 से ₹5,000 और तुर्किए-ग्रीस के लिए ₹7,500 और यूरोप रूट पर ₹10,000 तक फ्यूल चार्ज देना होगा. महज तीन हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर फ्यूल चार्ज तीन से चार गुना तक बढ़ चुका है.
टिकट पर पड़ेगा फ्यूल चार्ज का असर
फ्यूल चार्ज में इस बढ़ोतरी का सीधा असर टिकट की कुल कीमत पर पड़ेगा. खासकर अंतरराष्ट्रीय और लंबी दूरी की उड़ानों में यात्रियों को अब पहले से कहीं ज्यादा भुगतान करना होगा. एयरलाइन का कहना है कि उसने पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाला है, लेकिन अगर ATF की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में एयरफेयर में और इजाफा हो सकता है. IATA के Jet Fuel Monitor के मुताबिक पिछले एक महीने में इस क्षेत्र में फ्यूल की कीमतें 130 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई हैं. इंटरनेशनल रूट पर तो ATF की कीमत एक महीने में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है.
ये सब ऐसे समय में हुआ है जब पेट्रोलियम मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मिलकर फैसला किया है कि घरेलू ऑपरेशन के लिए एयरलाइंस को सिर्फ 25 फीसदी की आंशिक बढ़ोतरी दी जाएगी. इसी वजह से IndiGo ने पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाला और दूरी के हिसाब से अलग-अलग फ्यूल चार्ज तय किया है.



