Middle East Tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के बीच राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपनी मौजूदगी कम करेगा और जरूरत पड़ने पर दोबारा लौट सकता है.
ईरान वॉर खत्म करेगा यूएस!
ट्रंप ने ईरान युद्ध में सहयोगी NATO देशों से अपेक्षित समर्थन न मिलने पर नाराजगी जताई और यहां तक संकेत दिया कि वे नाटो से बाहर जाने पर भी विचार कर रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि यह युद्ध कब तक खत्म होगा, तो उन्होंने कहा कि इसकी सटीक समयसीमा बताना फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन अमेरिका जल्द ही वहां से हटने की दिशा में काम कर रहा है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद अब ईरान के पास परमाणु शक्ति बनने की क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है, जिससे वह अब न्यूक्लियर हथियार संपन्न देश नहीं बन पाएगा.
नई सत्ता की ट्रंप ने की तारीफ
गौरतलब है कि यूनाइटेड किंग्डम, स्पेन और फ्रांस समेत कई सहयोगी देशों ने ईरान युद्ध में यूनाइटेड स्टेट्स का साथ देने से इनकार कर दिया है. इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन देशों को तेल संकट का सामना करना पड़ रहा है, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर “हिम्मत दिखाकर” Strait of Hormuz से खुद लेकर आएं.
गौरतलब है कि 28 मार्च को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के ऊपर संयुक्त हमला किया गया था. इसके बाद ईरान लगातार यह कहता रहा कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन शीर्ष नेतृत्व को नुकसान पहुंचने के बावजूद तेहरान की ओर से किए गए लगातार ड्रोन हमलों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है.
मौजूदा हालात में ट्रंप द्वारा वापसी का संकेत देना युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. वहीं, ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वह संघर्ष समाप्त करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उसकी शर्तों को स्वीकार करना जरूरी होगा.



