दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (30 मार्च) को प्रेस कॉफ्रेंस कर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शब्बीर लोन की गिरफ्तारी को लेकर अहम खुलासा किया. पुलिस के मुताबिक, शब्बीर लोन के दो हैंडलर समामा उर्फ बाबर और अबू हुज़ैफ़ा लगातार उसके संपर्क में थे. एबीपी न्यूज को मिली एक्सक्लूसिव तस्वीरें और बड़ी जानकारी मिली है. शब्बीर लोन का हैंडलर समामा उर्फ बाबर बीते काफी सालों से जांच और खुफिया एजेंसियों के राडार पर है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साल 2024 में समामा उर्फ बाबर पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा में उसकी भूमिका सोशल मीडिया और मैसेंजर प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरता की ओर आकर्षित करना और उन्हें संगठन में शामिल कराना है.
लश्कर का टॉप हैंडलर है समामा उर्फ बाबर
सूत्रों के मुताबिक, समामा उर्फ बाबर का असली नाम गुलाम अब्बास है और वह लश्कर-ए-तैयबा का एक टॉप हैंडलर है. बताया जा रहा है कि गुलाम अब्बास उर्फ समामा उर्फ बाबर पाकिस्तान के साहीवाल जिले के चीचावटनी इलाके के 88-12L गांव का रहने वाला है. वर्तमान में वह इस्लामाबाद के सोआन गार्डन सोसाइटी में स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक सेफ हाउस में रहता है, जिसका इस्तेमाल संगठन ऑपरेशन सेंटर के रूप में करता है.
आतंकी ज़की-उर-लखवी का करीबी है समामा
सूत्रों के मुताबिक, सोआन गार्डन सोसाइटी के ब्लॉक ‘एच’ में स्थित इस सेफ हाउस में गुलाम अब्बास उर्फ समामा उर्फ बाबर के अलावा लश्कर-ए-तैयबा का एक और टॉप कमांडर हुज़ैफा बक्करवाल भी अपने परिवार के साथ रहता है. गुलाम अब्बास उर्फ समामा उर्फ बाबर साल 2011 में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और 2018 से संगठन के शीर्ष हैंडलरों में शामिल है. यह भी बताया गया है कि वह लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी ज़की-उर-लखवी का करीबी है और संगठन की ओर से उसे हर महीने करीब ढाई लाख रुपये का वज़ीफ़ा मिलता है.
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