Sunday, March 29, 2026
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रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में निधन, अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए?

देश के दिग्गज उद्योगपति और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके परिवार ने इस खबर की पुष्टि की है. उनके बेटे और रेमंड समूह के वर्तमान चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी साझा की. रेमंड समूह के प्रवक्ता के अनुसार, उनका निधन मुंबई में हुआ और उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा.

37% हिस्सेदारी बेटे को कर दी थी ट्रांसफर
साल 2015 में विजयपत सिंघानिया ने रेमंड समूह में अपनी पूरी 37 प्रतिशत हिस्सेदारी बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दी थी. इसके बाद से कंपनी की कमान पूरी तरह गौतम के हाथों में है.

दो दशकों तक संभाली कंपनी की कमान
विजयपत सिंघानिया ने 1980 से रेमंड समूह का नेतृत्व संभाला और करीब 20 साल तक चेयरमैन के रूप में काम किया. वर्ष 2000 तक उन्होंने कंपनी को देश के प्रमुख वस्त्र ब्रांड्स में शामिल कर दिया.

अपने पीछे छोड़ गए करीब 12 हजार करोड़ की संपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विजयपत सिंघानिया अपने पीछे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं. हालांकि, उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपनी कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी अपने बेटे को सौंप दी थी. 1991 के आर्थिक उदारीकरण से पहले ही उन्होंने कंपनी को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर दिया था, जिससे रेमंड बदलते बाजार में मजबूती से टिकी रही.

पिता-पुत्र के बीच हुआ था विवाद
कुछ साल पहले विजयपत सिंघानिया और गौतम सिंघानिया के बीच संपत्ति और कंपनी को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया था. हालांकि बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया और मामला सुलझा लिया गया.

पद्म भूषण से सम्मानित, रहे कुशल पायलट
विजयपत सिंघानिया को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. वे एक कुशल पायलट और रोमांचप्रिय व्यक्ति भी थे. 2005 में उन्होंने हॉट एयर बैलून से लगभग 69,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. इससे पहले 1988 में उन्होंने माइक्रोलाइट विमान से लंदन से नई दिल्ली तक अकेले उड़ान भरकर रिकॉर्ड कायम किया था.

उद्योग जगत के लिए बड़ी क्षति
विजयपत सिंघानिया का निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है. उन्होंने न सिर्फ व्यापार में सफलता हासिल की, बल्कि अपने साहसिक कारनामों से भी अलग पहचान बनाई. 

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