Saturday, March 28, 2026
spot_img
HomeBusinessईंधन पर राहत के संकेत, तेल कंपनियों से कीमत न बढ़ाने की...

ईंधन पर राहत के संकेत, तेल कंपनियों से कीमत न बढ़ाने की अपील, जानें पूरा मामला

एक तरफ जहां खाड़ी देशों में युद्ध और तनाव की वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती के फैसले ने देशभर को महंगाई से राहत दी है. व्यापारिक संगठनों ने इसे महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक संतुलन की दिशा में अहम कदम बताया है, वहीं तेल कंपनियों से आम जनता को इसका पूरा लाभ देने की मांग भी तेज हो गई है.

सरकार के फैसले से बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ी
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी है. इस फैसले को व्यापारियों, उद्यमियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर ने राहत भरा कदम बताया है.

व्यापारिक संगठनों ने फैसले का किया जोरदार स्वागत
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस निर्णय का देशभर के व्यापारियों, दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्ट संचालकों ने स्वागत किया है. उनका मानना है कि इससे बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

वैश्विक संकट ने बढ़ाई थी कीमतें, बढ़ोतरी का था खतरा
पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मालभाड़ा और महंगाई दोनों पर असर पड़ता.

तेल कंपनियों से कीमतें न बढ़ाने की अपील
बृजेश गोयल ने कहा कि जब सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है तो अब तेल कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे कीमतें बढ़ाने पर विचार भी न करें. इससे आम जनता को वास्तविक राहत मिल सकेगी.

कच्चे तेल के दाम घटें तो उपभोक्ताओं को मिले सीधा फायदा
उन्होंने यह भी कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं तो पेट्रोलियम कंपनियों को पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती करनी चाहिए. इससे सरकार के फैसले का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा.

अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
वहीं, सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों के बीच यह निर्णय राहत देने वाला है.

लॉजिस्टिक लागत पर पड़ेगा सकारात्मक असर
खंडेलवाल के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आने से परिवहन लागत नियंत्रित रहेगी. इससे वस्तुओं की ढुलाई सस्ती होगी और बाजार में कीमतों के अनावश्यक बढ़ने पर रोक लगेगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा.

जनता के हित में सरकार ने उठाया बड़ा कदम
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट के दौर में सरकार के सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने खुद वित्तीय भार उठाकर जनता को राहत देने का रास्ता चुना. यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है.

व्यापार जगत ने समर्थन के साथ जिम्मेदारी भी जताई
खंडेलवाल ने कहा कि देश का व्यापारिक समुदाय इस फैसले का पूरा समर्थन करता है और यह सुनिश्चित करेगा कि इसका लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे. साथ ही आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने की भी प्रतिबद्धता जताई गई है.

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला कदम
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में यह कटौती न केवल आम जनता को राहत देगी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments