Thursday, March 26, 2026
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‘सरकार इतनी जल्दी में क्यों?’ महिला आरक्षण कानून पर मल्लिकार्जुन खरगे ने किरेन रिजिजू को लिखी चिट्ठी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन करने को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि राजनीतिक दल चुनाव में व्यस्त हैं तो सरकार बहुत जल्दबाजी में क्यों नजर आ रही है?

इस सिलसिले में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू को एक पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि सरकार को 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाना चाहिए. खरगे का यह पत्र केंद्रीय मंत्री की तरफ से भेजे गए उस पत्र के जवाब में आया है, जिनमें उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के कार्यान्वयन के लिए उसमें संशोधन की योजना पर बैठक का आग्रह किया था. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मुझे आपका पत्र अभी 26 मार्च 2026 को मिला है. 

इसके अलावा विपक्षी दलों ने पहले ही 24 मार्च 2026 को एक लेटर लिखकर सुझाव दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए 29 अप्रैल, 2026 के बाद सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाए.

सरकार संशोधन करने की इतनी जल्दी में क्यों है?: खरगे

खरगे ने कहा कि मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि सरकार एक संविधान संशोधन अधिनियम को पारित करने के 30 महीने बाद इसमें और संशोधन करने की इतनी जल्दी में क्यों है. हम सभी चुनाव अभियान में बेहद व्यस्त हैं. यही कारण है कि हमने सुझाव दिया था कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद बैठक बुलाई जाए.

उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद बैठक करने से 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संशोधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन पर असर नहीं होगा. खरगे ने कहा कि दरअसल 21 सितंबर, 2023 को राज्यसभा में चर्चा के दौरान मैंने खुद नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को तत्काल लागू करने की मांग की थी, लेकिन सरकार मेरी मांग से सहमत नहीं थी. मैं एक बार फिर आपसे 29 अप्रैल, 2026 के बाद किसी भी समय सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध करता हूं.        

बीते मंगलवार को विपक्षी दलों ने रिजिजू को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि सरकार विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए बीते सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं.    

साल 2023 में यह अधिनियम सदन में पारित किया गया था

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.

यह भी पढ़ें: बशीरहाट में बड़ा चुनावी विवाद, BLO सहित 340 मुस्लिम वोटरों के नाम हटाए जाने पर मचा घमासान

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