बेंगलुरु एक बार फिर से क्रिकेट के रंग में रंगने जा रहा है. शनिवार (28 मार्च, 2026) से आईपीएल मुकाबलों की शुरुआत शहर में होने जा रही है, लेकिन इस बार माहौल सिर्फ उत्साह का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और सतर्कता का भी है. पिछले साल हुई दर्दनाक भगदड़ की याद में इस बार स्टेडियम में एक स्मारक बनाया गया है और 11 कुर्सियां खाली रखी जाएंगी, जो उन जानों को श्रद्धांजलि होंगी, जिन्हें इस हादसे में खो दिया गया था.
प्रशासन ने तैयारियों के लिए बनाई एक्सपर्ट कमेटी
इस बार प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है. एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई थी, जिसने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम सुझाव दिए. पिछले कुछ महीनों में इन सभी सिफारिशों पर फिजिकल इंस्पेक्शन किया गया और चरणबद्ध तरीके से बदलाव लागू किए गए, ताकि मैच सुचारू और सुरक्षित तरीके से आयोजित हो सकें.
प्रशासन का दावा- सभी जरूरी तैयारियां हुईं पूरी
मैच से पहले दो मॉक ड्रिल एक 23 मार्च को और उसके बाद दूसरी ड्रिल आयोजित की गईं, जिनमें पीडब्ल्यूडी, पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्टेडियम प्रबंधन जैसे सभी संबंधित विभाग शामिल रहे. इन ड्रिल्स के जरिए हर व्यवस्था को जमीन पर परखा गया और कमियों को दूर किया गया. प्रशासन का दावा है कि पहले चरण की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.
- स्टेडियम और आसपास के इलाकों में डबल पुलिस फोर्स तैनात की जाएगी.
- केवल टिकट धारकों को ही प्रवेश मिलेगा.
- बिना टिकट किसी को भी चार प्रमुख सड़कों- एमजी रोड, कबल रोड, क्वींस रोड और लिंक रोड पर रुकने की अनुमति नहीं होगी.
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
- मेट्रो और BMTC बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई गई है.
- अतिरिक्त ट्रेन और बस सेवाएं चलाई जा रही हैं.
- एमजी रोड और कबल रोड मेट्रो स्टेशन से स्टेडियम तक सीधा कनेक्शन.
- पार्किंग स्टेडियम से दूर रखी गई है, जहां से शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी.
क्रिकेट प्रेमियों से प्रशासन ने की अपील
प्रशासन ने दर्शकों से अपील की है कि वे मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का ही उपयोग करें, ताकि ट्रैफिक दबाव कम हो सके. एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए स्पेशल सेफ पैसेज तैयार किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. इस बार का आईपीएल सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा. खाली रखी जाने वाली 11 कुर्सियां हर दर्शक को याद दिलाएंगी कि उत्साह के बीच सुरक्षा सबसे अहम है.
यह भी पढ़ेंः शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, इलाहाबाद HC से मिली राहत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती



