मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सरकार ने नया आदेश जारी किया है. यह आदेश एलपीजी सप्लाई से जुड़ा हुआ है. सरकार ने नए आदेश के तहत यह अनिवार्य कर दिया है कि अगर उपभोक्ता उन जगहों पर LPG की जगह PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) का इस्तेमाल शुरू नहीं करते, जहां इसकी कनेक्टिविटी उपलब्ध है, तो उनके घरों में कुकिंग गैस (LPG) की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. इस आदेश का मकसद गैस नेटवर्क का विस्तार तेजी से करना और किसी एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना है.
सरकार ने ये आदेश ऐसे वक्त जारी किया है, जब देश में एलपीजी सिलेंडर की दिक्कतों का सामना आम जन को करना पड़ रहा है. देश सबसे ज्यादा कमर्शियल गैस को लेकर सप्लाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है.
पेट्रोल डीजल की कमी नहीं, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने पर जोर
इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है. कई इलाकों में लाइन देखी गई तो ऐसे पैनिक न करें. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. अफवाहों पर ध्यान न दें. सालाना 26 करोड़ टन रिफाइन करने की क्षमता है. पीएनजी को बढ़ावा देने पर भारत सरकार का जोर है. पीएनजी कनेक्शन को जल्द देने को लेकर सरकार कई कदम उठाएगी. पिछले 25 दिनों में ढाई लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं.
भारत में कितने एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन?
भारत सरकार के डाटा की मानें तो भारत में कई घरों में एलपीजी और पीएनजी सुविधा है. देश में कुल 33.05 करोड़ कंज्यूमर हैं जिनके पास एलपीजी कनेक्शन हैं. वहीं 1.57 करोड़ के पास पीएनजी कनेक्शन है. इनके अलावा सरकार की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 10.35 करोड़ लोगों को कनेक्शन दिया गया है. इसके अलावा सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई तय करने के लिए कई फैसले लिए हैं. इनमें कमर्शियल गैस की जगह रसोई गैस को प्राथमिकता दी गई है. सरकार युद्ध के बीच कई जगह से गैस को आयात कर रही है.
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