मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार (23 मार्च, 2026) को संसद के निचले सदन लोकसभा में अपने संबोधन दिया. पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिमी एशिया में जारी जंग के बावजूद भारत ऊर्जा के मामले में सुरक्षित है और देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक तेल भंडार मौजूद है और हमारा लक्ष्य इसे 65 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाना है. हालांकि, पीएम मोदी के संबोधन को कांग्रेस पार्टी ने कायरता, खुद की तारीफ और पक्षपात से भरा हुआ करार दिया.
जयराम रमेश ने एक्स प्लेटफॉर्म पर शेयर किया पोस्ट
कांग्रेस पार्टी के सूचना विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संबंध में एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री का आज लोकसभा में असामान्य रूप से छोटा भाषण, हमेशा की तरह, आत्मप्रशंसा, कायरता और पक्षपातपूर्ण डायलॉगबाजी का एक मास्टर क्लास था.’
The Prime Minister’s uncharacteristically short speech in the Lok Sabha today was, as usual, a master class in self-boasts, cowardice, and partisan dialogue-baazi.
Not a single word was uttered in condemnation of the continued US-Israeli air assaults on Iran. Iran’s attack on…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 23, 2026
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री से ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से जारी हवाई हमलों के निंदा में एक शब्द भी नहीं कहा गया. खाड़ी देशों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का हमला निश्चित रूप से पूरी तरह अस्वीकार्य है, लेकिन शासन परिवर्तन और राज्य को ध्वस्त करने के उद्देश्य से ईरान पर लगातार की जा रही बमबारी भी उतनी ही अस्वीकार्य है.’
PM मोदी ने अपने भाषण में सिर्फ शेखी बघारीः जयराम
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक वृद्धि के रिकॉर्ड पर अपनी शेखी बघारना जारी रखा. कुछ दिन पहले उनके ही पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ऑन रिकॉर्ड यह चेतावनी दी थी कि पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर आंका गया है. ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री शायद यह मानते हैं कि अगर वे इस बेहद विश्वसनीय और चिंताजनक रिपोर्ट पर बात ही नहीं करेंगे, तो यह मुद्दा अपने आप खत्म हो जाएगा.’
प्रधानमंत्री के कोविड-19 के जिक्र पर बोले कांग्रेस नेता
इसके अलावा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी की ओर से किए गए कोविड-19 महामारी के जिक्र पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री की ओर से कोविड-19 महामारी का जिक्र चिंताजनक है. उनकी सरकार की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व रूप से विनाशकारी थी. देश उन बेहद दर्दनाक दृश्यों को नहीं भूल सकता, जो उस समय आम हो गए थे. लाखों प्रवासी मजदूरों का नंगे पैर अपने घरों की ओर पैदल चलना, ऑक्सीजन की कमी से हजारों लोगों की मौत और लाखों लोगों का बेरोजगार हो जाना. हम सिर्फ यही उम्मीद कर सकते हैं कि इस बार अधिक तैयारी होगी.’
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