इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान के युद्ध ने दुनियाभर के देशों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है. ईरान ने तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को जहां दुनिया के सभी देशों के लिए बंद कर रखा है, वहीं भारत ने खाड़ी देश के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों के जरिए अपने कच्चे तेल, LPG, LNG और अन्य समुद्री जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकालने की कामयाबी हासिल कर ली है.
दुनिया के कई देश भारत की मजबूत कूटनीतिक रणनीति का लोहा मानते हुए इसकी सराहना कर रहे हैं. इस बीच कई लोग ऐसे भी मौजूद हैं, जो भारत की कूटनीतिक सफलता को झूठा करार देने और ईरान-भारत के संबंधों को लेकर झूठी अफवाहें उड़ाने में जोरों-शोर से जुटे हुए हैं.
ईरान युद्ध के बीच क्या फैलाई जा रही अफवाह?
दरअसल, ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भंसे 22 भारतीय जहाजों को सुरक्षित पैसेज देने के साफ इनकार कर दिया है. इसका मतलब है कि 22 भारतीय जहाज अब होर्मुज जलडमरूमध्य को पार नहीं कर पाएंगी, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने इस अफवाह का फैक्ट चेक कर इसे झूठा और बेबुनियाद करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है.
फर्जी खबरों और अफवाहों पर न दें ध्यान, सतर्क रहेः विदेश मंत्रालय
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तनाव के बीच फैलाई जा रही अफवाहों पर विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को एक फेक न्यूज अलर्ट जारी किया है. इस पोस्ट के जरिए मंत्रालय ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे अफवाहों को निराधार करार दिया है.
Fake News Alert!
Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media! pic.twitter.com/hI3PsItbGE
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 19, 2026
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, ‘कृपया सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहे झूठ और बेबुनियाद दावों और पोस्ट के प्रति सतर्क रहें!’
पोस्ट में दावा- ईरान ने भारत को नहीं दी अनुमति
दरअसल, सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया, ‘ईरान और भारत युद्ध के बीच अब आमने-सामने आ गए हैं और ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने के लिए अनुमति देने से मना कर दिया है. इसके अलावा, ईरान ने भारत के सामने यह शर्त रखी है कि पहले वह भारत की ओर से सीज किए हुए उन तीन जहाजों को वापस करे, जो अमेरिका के खुश करने के लिए की हैं.’



