तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिला के मीरपेट थाना क्षेत्र के बडागपेट स्थित वेंकटाद्री कॉलोनी में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां बुधवार सुबह एक 20 साल की छात्रा ने अपनी पालतू बिल्ली की मौत के महज आधे घंटे बाद जहर निगल लिया. परिवार के सदस्यों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
बिल्ली, जो पिछले दो सालों से परिवार के साथ थी, रात करीब 4 बजे अचानक मर गई. हिमाबिंदु की मां की शिकायत के अनुसार, सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने अपनी बेटी को घर में चूहे मारने की दवा के साथ बेहोश पड़े पाया. विज्ञान स्नातक (विज्ञान) की छात्रा हिमाबिंदु ने बिल्ली की मौत के लगभग 30 मिनट बाद ही यह घातक कदम उठाया.
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की क्या जानकारी दी?
मीरपेट थाना प्रभारी शंकर कुमार ने बताया ’20 साल की विज्ञान स्नातक छात्रा हिमाबिंदु ने अपनी पालतू बिल्ली की अचानक मौत के बाद जहर पीकर जीवन समाप्त कर लिया. शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
पुलिस ने यह भी बताया कि परिवार के पास और भी बिल्लियां हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस दुखद घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं था. यह घटना एक बड़ा और जरूरी सवाल उठाती है.
पालतू जानवरों से भावनात्मक लगाव रख रही आज की जनरेशन
पालतू जानवरों से भावनात्मक लगाव आज की पीढ़ी के लिए कितना गहरा हो गया है. एक बिल्ली जिसे दो साल तक प्यार से पाला गया, जो रोज घर में साथ रही, जो शायद हिमाबिंदु की सबसे करीबी दोस्त थी उसका अचानक चला जाना एक 20 साल की लड़की के लिए असहनीय हो गया. पालतू जानवरों की मौत पर होने वाले शोक को अक्सर समाज हल्के में लेता है, लेकिन मनोविज्ञान कहता है कि यह दर्द उतना ही असली होता है जितना किसी इंसान को खोने का.
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