AI Impact On Workforce: भले ही कंपनियां खुलकर यह नहीं कह रही हैं, लेकिन मौका मिलने पर वो अपने कर्मचारियों को एआई से रिप्लेस करने के लिए तैयार बैठी हैं. एक स्टडी में 10 में 9 कंपनियों ने कहा कि प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और लागत को कम करने के लिए वो कर्मचारियों की जगह एआई को लाने के लिए तैयार हैं. बता दें कि अमेजन समेत कई कंपनियां ऐसा करने भी लगी हैं और पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में लोगों को एआई के कारण अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी हैं.
कर्मचारियों की बजाय एआई पर पैसा लगाना चाहती हैं कंपनियां
अमेरिका में हुई इस स्टडी में लगभग 90 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि अगर कर्मचारियों के जाने से उन्हें एआई पर ज्यादा पैसा लगाने का मौका मिलता है तो वो इससे खुश हैं. इतनी ही संख्या में कंपनियों का यह भी कहना है कि अब एआई ज्यादा काम कर सकती है और इसे देखते हुए वो अपनी वर्कफोर्स कम करने को तैयार हैं. कंपनियां यह भी जानती हैं कि अब हायरिंग नहीं हो रही है और ऐसे फैसले लेने पर उन्हें विरोध का भी सामना नहीं करना पड़ेगा. स्टडी में भाग लेने वाले कई सीनियर बिजनेस लीडर का कहना है कि अब कर्मचारियों की संतुष्टि की बजाय एआई पर निवेश करना ज्यादा महत्वपूर्ण है.
अमेजन है इसका एक उदाहरण
स्टडी में दिखे ट्रेंड को अमेजन के उदाहरण से समझा जा सकता है. कंपनी ने रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत 16,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. कंपनी का कहना है कि डिसिजन-मेकिंग को आसान बनाने और टीमों को छोटा करने के लिए यह फैसला लिया गया है. अब अमेजन एआई पर भारी निवेश कर रही है और उसे इससे भारी मुनाफे का अनुमान है. एआई की मदद से कंपनी अपने सालाना रेवेन्यू को 55 लाख करोड़ रुपये पर ले जाना चाहती है.
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