तेलंगाना के निज़ामाबाद ज़िले में दसवीं कक्षा की परीक्षा शुरू होने के महज़ दस मिनट के भीतर ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया. हिंदी और तेलुगु दोनों विषयों के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना है. परीक्षा की गुणवत्ता पर उठे इस गंभीर सवाल के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 शिक्षकों को निलंबित कर दिया और 4 शिक्षकों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया.
जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र आलूरु, बोधन और मेंडोरा परीक्षा केंद्रों से बाहर निकाले गए. परीक्षा हॉल के भीतर ही किसी ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र की तस्वीर खींची और उसे व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल कर दिया. देखते ही देखते यह प्रश्नपत्र ज़िले भर के छात्रों के फोन तक पहुंच गया और यह सब परीक्षा शुरू होने के मात्र 10 मिनट के भीतर हो गया.
तेलंगाना शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
शिक्षा विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की. शुरुआती जांच में उन शिक्षकों और कॉर्डिनेटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई जो परीक्षा हॉल में निगरानी की ज़िम्मेदारी पर थे. लापरवाही और सक्रिय मिलीभगत — दोनों की जांच हो रही है. पुलिस ने मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य खंगालने शुरू कर दिए हैं. जिन 4 शिक्षकों पर मामला दर्ज हुआ है उनसे गहन पूछताछ जारी है.
तेलंगाना में दसवीं परीक्षाओं के पेपर लीक
यह घटना इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि तेलंगाना में दसवीं परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में राज्य के अलग-अलग ज़िलों से इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं और हर बार कार्रवाई होती है लेकिन रोक नहीं लग पाती. जिन छात्रों ने महीनों मेहनत की उनके लिए यह खबर किसी धोखे से कम नहीं है. परीक्षा की निष्पक्षता पर उठा यह सवाल पूरे शिक्षा तंत्र की साख पर भी असर डालता है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएँ जारी रहेंगी. जाँच पूरी होने तक दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.



