राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक ऐसे अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरनाक मिलिट्री ट्रेनर और ‘हिट-मैन’ के तौर पर देखा जाता है. उसका नाम है मैथ्यू वैनडाइक. बताया जा रहा है कि मैथ्यू वैनडाइक ‘सन ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOIL)’ नाम की संस्था चलाता है, जो दुनिया भर में उग्रवादी और मिलिशिया समूहों को ट्रेनिंग देने के लिए कुख्यात रही है. जो अमेरिका के दुश्मन या फिर ऐसी सरकारों के खिलाफ उग्रवादी कार्यों में लिप्त रहते हैं, जिनकी अमेरिका से नहीं बनती है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, मैथ्यू हाल ही में म्यांमार से भारत लौटा था. वहां उसने मिलिट्री शासन के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों को हथियार और खास तौर पर ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी थी. उसके साथ 7 विदेशी नागरिक जिनमें यूक्रेनी और अमेरिकी शामिल हैं, वो भी भारत पहुंचे थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए मैथ्यू को कोलकाता एयरपोर्ट से और उसके साथियों को दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया.
मैथ्यू वैनडाइक क्यों चर्चित?
कॉन्फिलिक्ट रिपोर्टिंग से लेकर वॉर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पत्रकार के तौर पर भी मैथ्यू को जाना जाता था. मैथ्यू वैनडाइक का नाम पहले भी कई युद्ध क्षेत्रों में सामने आ चुका है. वहलीबिया में कर्नल गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह में शामिल रहा, सीरिया के संघर्ष में सक्रिय रहा, यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ ट्रेनिंग देता रहा. यानी उसे आधुनिक युद्ध और गुरिल्ला तकनीकों का अच्छा अनुभव है और यही भारत के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह है.
भारत के लिए क्यों बढ़ा खतरा?
सबसे बड़ा खतरा म्यांमार कनेक्शन से जुड़ा है. म्यांमार के कई विद्रोही गुटों के संबंध भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के उग्रवादी संगठनों से रहे हैं. ऐसे में अगर ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक इन संगठनों तक पहुंचती है तो मणिपुर और आसपास के इलाकों में हमलों का खतरा बढ़ सकता है. सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियां और खतरनाक हो सकती हैं.



