Monday, March 16, 2026
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नकली लैब रिपोर्ट के सहारे विदेश भेजे मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट, ED ने किशन मोदी को किया गिरफ्तार

मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट को नकली लैब रिपोर्ट के सहारे विदेश भेजकर करोड़ों रुपये कमाने के मामले ED ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के भोपाल जोनल ऑफिस ने इस मामले में किशन मोदी नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. ED के मुताबिक, किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को 14 मार्च 2026 को भोपाल की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया. जहां अदालत ने उसे आगे की पूछताछ के लिए 18 मार्च 2026 तक ED की कस्टडी में भेज दिया है.

भोपाल में दर्ज दो मामले में कार्रवाई

ED की ये कार्रवाई भोपाल में दर्ज दो अलग-अलग FIR के आधार पर की जा रही है. इनमें पहली FIR 29 अगस्त 2023 को हबीबगंज थाना में दर्ज हुई थी, जबकि दूसरी FIR 22 जुलाई 2024 को EOW भोपाल ने दर्ज की थी. इन FIR में मेसर्स जयश्री गायत्री फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स और अधिकारियों पर कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.

जांच में सामने आया कि कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड के नाम से डेयरी प्रोडक्ट बनाकर बेचती थी. आरोप है कि इन प्रोडक्ट्स में असली दूध की फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक केमिकल मिलाए जाते थे. ये मिलावटी सामान सिर्फ देश में ही नहीं बेचा गया, बल्कि कई विदेशी देशों में भी एक्सपोर्ट किया गया.

ईडी की जांच में और क्या खुलासा हुआ है?

ED की जांच में एक बड़ा खुलासा ये हुआ कि एक्सपोर्ट की अनुमति पाने के लिए कंपनी ने नामचीन लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट तैयार करवाई थी. इन नकली रिपोर्ट्स को  निर्यात निरीक्षण एजेंसी (EIA), इंदौर के सामने जमा किया गया ताकि मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स को एक्सपोर्ट क्लियरेंस मिल सके. जब इन रिपोर्ट्स की जांच की गई तो संबंधित लैब्स ने साफ कहा कि ये रिपोर्ट उन्होंने जारी ही नहीं की थी यानी दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे.

आरोप- कंपनी ने विदेशों में मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स भेजे

ED की जांच के मुताबिक इन फर्जी लैब रिपोर्ट्स के आधार पर कंपनी ने विदेशों में मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स भेजे और इसके बदले Axis बैंक और HDFC बैंक में मौजूद अपने खातों में एक्सपोर्ट का पैसा लिया. जांच में पता चला है कि इस तरीके से करीब 20.59 करोड़ रुपये की रकम हासिल की गई, जिसे ED ने प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई गई रकम माना है. ED के मुताबिक, इस मामले में अभी और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.

यह भी पढ़ें: IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ का फ्रॉड, CBI ने 19 ठिकानों पर मारी रेड

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