केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक हालात और युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर थोड़े समय के लिए असर पड़ सकता है, लेकिन देश इन चुनौतियों से जल्दी उबर जाएगा. उन्होंने यह बात CNBC-TV18 India Business Leaders Awards 2026 के दौरान कही. गोयल ने कहा कि भारत एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था वाला देश है, जिसके बुनियादी आर्थिक आधार काफी मजबूत हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल दुनिया में चल रहे युद्ध के कारण कुछ समय के लिए आर्थिक गतिविधियों में कमी आ सकती है, लेकिन आने वाले महीनों में इसकी भरपाई हो जाएगी. उनके मुताबिक भारत कम से कम अगले दो दशकों तक दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा.
गोयल ने वैश्विक ऊर्जा संकट पर भी बात की और कहा कि भारत के पास कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार है. उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की सप्लाई में किसी तरह की परेशानी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर एलपीजी सप्लाई में देरी होती है तो उसके लिए मिट्टी तेल यानी केरोसिन का उत्पादन भी बढ़ाया गया है. इसके अलावा भारत अलग-अलग देशों से एलपीजी और एलएनजी का आयात भी कर रहा है. ऊर्जा के लिए भारत कई देशों से सप्लाई के विकल्प तलाश रहा है, जिनमें कनाडा, अमेरिका और रूस जैसे देश शामिल हैं.
रुपये को लेकर क्या बोले
गोयल ने कहा कि युद्ध या वैश्विक तनाव के समय निवेशक अक्सर सुरक्षित विकल्पों की ओर जाते हैं, इसलिए सोना और चांदी की मांग बढ़ जाती है. इसी कारण हाल के दिनों में इनके आयात में भी तेजी देखी गई है. उन्होंने कहा कि फिलहाल दबाव में चल रहा भारतीय रुपया धीरे-धीरे मजबूत हो जाएगा, खासकर जब वैश्विक तनाव कम होगा.
निर्यातकों के लिए सरकार की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार निर्यात से जुड़े संगठनों के साथ रोजाना संपर्क में है और समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी योजनाएं भी तैयार की हैं जिनसे निर्यात करने वाली कंपनियों को बीमा सुरक्षा मिल सके. अगर समुद्री रास्तों में परेशानी के कारण माल को नुकसान होता है या डिलीवरी में देरी होती है, तो उन्हें मदद दी जाएगी. मौजूदा समय में खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और रेड शी के आसपास बढ़े तनाव के कारण शिपिंग पर असर पड़ रहा है.



