चुनाव आयोग ने देश के चार राज्यों समेत एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा रविवार को कर दी है. साथ ही 6 अन्य राज्यों की 8 विधानसभा पर उपचुनाव की घोषणा की गई है. उपचुनाव उन सीटों पर किए जाते हैं, या तो उस सीट से जीता उम्मीदवार इस्तीफा दे देता है, या उसका निधन हो जाता है.
चुनाव आयोग की मानें तो इन सभी सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा. कुछ राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, तो बाकी अन्य की 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. इनके चुनाव परिणाम की घोषणा भी 4 मई को की जाएगी.
सभी सीटों पर आचार संहिता लागू
इसी ऐलान के साथ सभी सीटों पर आचार संहिता लागू हो गई है. राजनीतिक दलों ने भी चुनावी तैयारियां ऐलान के बाद तेज कर दी है. इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है.
इन राज्यों में 9 अप्रैल को होगी वोटिंग
जिन राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग होना है, उनमें गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की विधानसभा सीटे हैं. सभी राजनीतिक इस सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते हैं.
23 अप्रैल को इन सीटों पर होगी वोटिंग
इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. इन सीटों पर भी हलचल बढ़ गई है. राजनीतिक दल अपने उम्मीदवार की घोषणा करने में अब देर नहीं कर सकते हैं. इन सभी सीटों पर बाकी अन्य राज्यों की तरह ही 4 मई को मतगणना होगी.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने और क्या जानकारी दी?
चुनावी तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे. यहां 25 लाख चुनाव अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. उन्होंने बताया कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या 750-900 है. उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारी हर दो घंटे में मतदान प्रतिशत अपलोड करेंगे और चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद मतदान के आंकड़े अपलोड किए जाएंगे.



