28 फरवरी को शुरू हुआ अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज (14 मार्च) को 15वां दिन है. जंग की आग केवल इन्हीं देशों तक नहीं फैली है बल्कि समूचे विश्व में इसकी आंच महसूस की जा रही है. भारत भी इस संकट से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. खासतौर से तब जब ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही प्रभावित होने से एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं. इसी बीच शिपिंग मिनिस्ट्री ने इसको लेकर बड़ा अपडेट दिया है.
‘भारतीय नाविक पूरी तरह सेफ’
मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स शिपिंग एंड वाटरवेज के चीफ सीक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, ‘ फारस की खाड़ी इलाके में सभी भारतीय नाविक पूरी तरह से सेफ हैं, इनके साथ बीते 24 घंटे में किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है.’ उन्होंने बताया, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में स्थित फारस की खाड़ी में इंडियन फ्लैग के 24 शिव मौजूद थे.’
भारत लौटेंगे दो LPG जहाज
सिन्हा ने आगे कहा, ‘इनमें से दो जहाज शिवालिक और नंदा एलपीजी वाहक हैं. यह बीती रात (शुक्रवार)/आज सुबह को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकले हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन दोनों जहाजों पर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है. यह मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर 16 और 17 मार्च को आएँगे. अभी फारस की खाड़ी में भारत के 22 जहाज बचे हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं.’
LPG की कालाबाजारी-जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी
वहीं, एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया, काला बाजारी और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है. कई राज्यों में टीमों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण कर रही हैं.
यूपी में 19 पर FIR, कई हिरासत में
उन्होंने उदाहरण देते हुए बतााया कि महाराष्ट्र और राजस्थान में संयुक्त टीमों ने छापेमारी की. उत्तर प्रदेश में भी लगभग 1400 जगहों पर औचक निरीक्षण किए गए. करीब 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं, कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और लगभग 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी तरह, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा और कर्नाटक में भी छापेमारी की गई है.’
‘घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता’
शर्मा ने कहा, ‘सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई है और उसी के अनुसार घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति बनाए रखी जा रही है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एनसीआर, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, के उद्योगों, होटलों, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों को एक महीने के लिए प्राकृतिक गैस के स्थान पर बायोमास एवं आरडीएफ पेलेट्स के अस्थायी उपयोग की अनुमति दी है.
‘घरेलू LPG उत्पादन में इजाफा’
उन्होंने बताया, घरेलू उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी की गई है. शुरुआत में 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत, फिर 28 प्रतिशत और अब 31 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है. यह भी स्पष्ट किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में अंतिम डिलीवरी और अगली एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिन का अंतर, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 45 दिन का अंतर निर्धारित है. उपभोक्ताओं को बुकिंग करते समय इस समय सीमा का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.



