अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने जयपुर में एक बार फिर बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयानबाजी की है. उन्होंने भारत देश के सिस्टम को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उसमें हिम्मत है तो इस्लामाबाद जाकर पाकिस्तान के साथ महीनों तक बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिड़िया और मजबूत आर्थिक ताकत मुगलों के वक्त ही कहलाता था.
पीएम मोदी को मुगल शासक बाबर की नसीहत देते हुए कहा कि अगर मुसलमान के धर्म और उनके रीति रिवाज में दखल देने की कोशिश करेंगे तो उनका साम्राज्य बिखर जाएगा. जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मणि शंकर अय्यर ने कहा कि हिंदू खुद बैकवर्ड है और मुसलमानो को पिछड़ी सोच वाला बताता है. वह यही नहीं रुके, उन्होंने एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश हुई तो यह देश बिखर जाएगा और 43 टुकड़ों में बंट जाएगा.
हिंदुओं के सबसे करीब सिर्फ मुसलमान ही हैं
अय्यर ने कहा कि हकीकत यह है कि दुनिया भर में हिंदुओं के इतने करीब सिर्फ मुसलमान ही है, किसी दूसरे धर्म के लोग नहीं हैं. मेरा तजुर्बा यह रहा है कि पाकिस्तानियों से बात करना सबसे आसान चीज है . यह आसानी एक हिंदू के लिए भी है और एक हिंदुस्तानी के लिए भी. हिंदू और मुसलमान की जुबान एक है, सोच एक है, तहजीब एक है. हम एक दूसरे को एकदम समझ लेते हैं. यह जरूर है कि उनका कबाब हमारे कबाब से बेहतर है.
अगर हिम्मत है तो पाकिस्तान से बात करो: अय्यर
उन्होंने कहा कि फिर भी हम कबाब को लेकर उनसे प्रतियोगिता तो कर ही सकते हैं. हम अमेरिका को क्यों पकड़ रहे हैं. हम इजरायल के दोस्त क्यों बन रहे हैं. हम चीन से क्यों चिढ़े हुए हैं और हम क्यों रूस पर इतना निर्भर हैं. जबकि हमारे बगल में वह लोग यानी पाकिस्तान है. यदि पार्टीशन का हादसा नहीं हुआ होता तो वह आज इस देश के नागरिक होते. हम दोनों एक ही देश के नागरिक होते और आप कहते हैं कि हम उन पर सर्जिकल स्ट्राइक कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो रुबरु होकर उनसे बात करो. यह हिम्मत क्यों नहीं है तुममें. रूबरू होकर तुम कोई बात क्यों नहीं करते हो. बात करनी चाहिए, वह भी निरंतर. शुरू में वह अपनी शिकायतें बताएंगे और आप अपना गिला पेश करोगे. इसमें शायद महीनों लग जाए. इस दौरान पर हमें कहते रहेंगे और हम भी उन्हें कहते रहेंगे. वह हमसे तमाम शिकायतें करेंगे और हम उनसे कहते रहेंगे कि पहलगाम से शुरू होकर 1947 तक तुमने यह हरकतें की, जब हमारे दिल से यह गिला शिकवा निकल जाता है तो उसके बाद कुछ रचनात्मक बातचीत होती है.
उन्होंने कहा कि फिर वह रचनात्मक बात हो सकती है. हमें निरंतर उनसे बातचीत करनी चाहिए . निरंतर बातचीत करने की हिम्मत हमारी सरकार में है ही नहीं. कहते हैं हम बातचीत नहीं करेंगे. हम अपने राजदूत को नहीं भेजेंगे. हम इनसे कोई रिश्ता नहीं रखेंगे. हम सार्क देशों की मीटिंग के लिए नहीं जाएंगे. हम सबसे गले लग जाएंगे। ट्रंप से भी लग जाएंगे, भले ही वह कितना टैरिफ लगाएं. यह सब जो हो रहा है वह मेरी समझ में नहीं आ रहा है. आप उनसे सीधे बातचीत क्यों नहीं करते. आपमें यह हिम्मत क्यों नहीं है कि आप उनसे मिलें और कहें कि मैं तुमसे मतभेद रखता हूं.
अगर हम हिंदू राष्ट्र को रखकर आगे बढ़े तो हमारा भविष्य नहीं: अय्यर
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत एक मुल्क है, शायद कह सकते हैं कि यह तीन है . दो मुल्क इसलिए बंट गए, क्योंकि हम उनको अपने साथ रख नहीं पाए. यूरोप में 43 मुमालिक यानी राज्य है. इस गलती यानी हिन्दू राष्ट्र को सामने रखते हुए आगे बढ़े तो हमारा यानी भारत देश का कोई भविष्य नहीं है. हमें विविधता को ही अपनी बुनियाद बनाना है, आधार बनाना है. यहां हिंदुओं का बहुमत है. कम से कम 80 फ़ीसदी हिंदू है. मुसलमानो की संख्या 20 करोड़ है, लेकिन वह भी भारतीय नागरिक है. इस भारतवर्ष को हिंदू देश कहना हिंदू राष्ट्र कायम करने का प्रयास करना और हिंदू राष्ट्र को बनाने में यह कहना कि मुसलमान हमारा दुश्मन है, क्योंकि हम मुसलमानों के 1000 साल गुलाम रहे हैं. ऐसी बुनियाद बनाई है अगर आपने अपनी राष्ट्रीयता को लेकर, तो भारत टिक नहीं सकता. कतई टिक नहीं सकता है. ऐसा होने पर हम कम से कम 43 राज्यों में बंट जाएंगे. अगर वही हिंदुस्तानी हो सकता है, जो हिंदू है. तो फिर यह वहां से शुरू होगा कि हम हिंदी नहीं बोलते हैं, इसलिए हम हिंदुस्तान के हिस्से नहीं.
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