मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई. सिंह मुंबई के कांदिवली ईस्ट के निवासी थे और अमेरिकी स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर पर अतिरिक्त चीफ इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे. हमले के बाद जहाज में जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
बिहार से मुंबई आकर बस गए थे सिंह
करीब 50 साल के देवआनंदन प्रसाद सिंह 2019 में अपने परिवार के साथ बिहार से मुंबई आकर बस गए थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. मरीन इंजीनियर के रूप में वह कार्गो जहाजों पर छोटे क्रू के साथ समुद्र में काम करते थे और जहाजों के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभालते थे.
इराक के पास तेल टैंकर पर हुआ ड्रोन हमला
दो दिन पहले इराक के पास एक तेल टैंकर पर अंडरवॉटर ड्रोन से हमला किया गया था. विस्फोट के वीडियो में रात के अंधेरे में आग का बड़ा गोला उठता दिखाई दिया था. अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई है.
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अमेरिकी स्वामित्व वाले टैंकर पर थे तैनात
अधिकारियों के अनुसार देवआनंदन प्रसाद सिंह अमेरिकी स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर पर अतिरिक्त चीफ इंजीनियर (सुपरिंटेंडेंट) के रूप में तैनात थे. यह जहाज पर्शियन गल्फ में चल रहा था.
ईरान ने दो जहाजों पर हमले का दावा किया
मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईरान ने पर्शियन गल्फ में दो जहाजों पर समन्वित अंडरवॉटर ड्रोन हमले का दावा किया था. इनमें से एक जहाज क्रूड ऑयल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ था, जिस पर सिंह इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे.
गंभीर रूप से घायल होने के बाद हुई मौत
हमले के बाद सिंह को गंभीर चोटें आईं. अधिकारियों के अनुसार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. जहाज पर मौजूद 15 अन्य भारतीयों को जलते हुए पोत से सुरक्षित बचा लिया गया.
जांच शुरू, कंपनी ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलते ही समुद्री एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों ने तेल टैंकर पर हुए हमले की परिस्थितियों की जांच के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. शिपिंग कंपनी के प्रबंधन और अन्य हितधारकों ने सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है और उनके परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है. कंपनी ने कहा है कि जहाज के बाकी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और उनकी देखभाल की जा रही है. बगदाद स्थित भारतीय दूतावास ने हमले के दिन ही इस मौत की पुष्टि की थी.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले दे चुका है ईरान चेतावनी
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है. यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है. अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान और ईरान के जवाबी हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है.



