मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका हमला नहीं करता तो ईरान अपना परमाणु हथियार बना लेता. ट्रंप के अनुसार ईरान के पास परमाणु हथियार होगा तो वो अमेरिका और उसके नागरिक के लिए थ्रेट होगा. इसे लेकर भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर हमें 8 साल भी लड़ना पड़े तो हम उसके लिए भी तैयार हैं.
न्यूक्लियर वीपन पर क्या सोचते थे खामेनेई?
अब्दुल मजीद हकीम ने कहा कि हमारे धर्म में परमाणु हथियार रखना हराम है और अगर हम चाहते तो अभी तक बना लिए होते. उन्होंने कहा कि दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहले ही तय कर लिया था कि ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा. उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पहले ही कह दिया है कि ईरान के पास कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं है. इस बात के कोई कोई सबूत नहीं हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार है और न ही होने जा रहा है.’
हमें खुद की रक्षा करने का पूरा अधिकार: अब्दुल मजीद
खामेनेई के प्रतिनिधि के अनुसार अमेरिका ईरान के गैस पर, खदानों पर कब्जा करने के लिए इस तरह की बातें कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमारे दुश्मनों में कोई मानवता नहीं है, वे सिर्फ पैसे के बारे में और लोगों को मारने के बारे में जानते हैं. हम कभी ये लड़ाई नहीं चाहते थे. अगर हम पर कोई हमला करेगा तो हमें अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है.’
इजरायली सेना का ईरान को चेतावनी
मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव के बीच इजरायली सेना ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के किसी भी उत्तराधिकारी का पीछा करना जारी रखेगा. इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फारसी भाषा में पोस्ट करते हुए यह चेतावनी जारी की. पोस्ट में कहा गया कि इजरायल उन सभी लोगों को भी निशाना बनाएगा जो खामेनेई के उत्तराधिकारी को चुनने या नियुक्त करने की प्रक्रिया में शामिल होंगे.
ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा इजरायल
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में 400 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है. इनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और हथियार बनाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया.इजराइली रक्षा बल (आईडीएएफ) के मुताबिक, वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में कई बड़े हमले किए. इस दौरान मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियों, हथियार भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया.



