Saturday, March 7, 2026
spot_img
HomeBusinessUS-Israel Attack Iran: | Iran Israel US war impact at Mumbai JNPT...

US-Israel Attack Iran: | Iran Israel US war impact at Mumbai JNPT port 1000 export containers stranded ann

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले से पूरी दुनिया की आयात- निर्यात व्यवसाय प्रभावित हुई है . मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी युद्ध का असर अब मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) पर भी साफ दिखाई देने लगा है. अरब देशों, इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे बड़ी संख्या में निर्यात कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. मौजूदा समय में JNPT पर 1,000 से अधिक निर्यात कंटेनर अटके हुए हैं. इनमें अंगूर, प्याज, पपीता , अनार, तरबूज सहित अन्य कृषि उत्पादों की खेप शामिल है. फंसे हुए कंटेनरों में से 150 कंटेनर नासिक से भेजे गए प्याज के हैं. प्रत्येक कंटेनर में औसतन 29 से 30 टन प्याज लदा है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 5,400 टन प्याज बंदरगाह पर अटका हुआ है.

ये खेप मुख्य रूप से खाड़ी देशों के लिए भेजी गई थी और अधिकतर दुबई के रास्ते जानी थीं. हालांकि मौजूदा युद्ध जैसे हालातों के चलते दुबई का बाजार अस्थायी रूप से बंद होने की खबर है. इतना ही नहीं, जो 370 भारतीय कंटेनर पहले ही दुबई पहुंच चुके थे, वे भी वहीं फंसे बताए जा रहे हैं. यही रूट कुछ यूरोपीय देशों के निर्यात के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है, जिससे वहां की सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है.

पोर्ट पर खड़े कंटेनरों का क्या है खर्च?

सबसे बड़ी चिंता जल्द खराब होने वाली चीजों के निर्यातकों को लेकर है. अगर समय पर इस्तेमाल में नहीं लाया गया तो खाने वाले सामान खराब होने लगेंगे. पोर्ट पर खड़े रेफ्रिजरेटर कंटेनरों पर हर दिन लगभग 8,000 रुपये का खर्च आ रहा है. अगर स्थिति लंबी खिंचती है तो माल उतारने पर प्रति कंटेनर 5,000 से 6,000 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है.  बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में स्थिति साफ नहीं हुई तो माल वापस मांगने की नौबत आ सकती है. इस निर्यात ठहराव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है. स्थानीय आपूर्ति बढ़ने से प्याज और अन्य उत्पादों के दाम और गिर सकते हैं. किसान इसे दोहरी मार बता रहे हैं.

APDA ने सरकार से की मांग

हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने (APDA) से मांग की है कि बंदरगाह पर खड़े कंटेनरों के अतिरिक्त खर्च का वहन सरकार करें. साथ ही केंद्र सरकार से वैकल्पिक बिजनेस रूट तलाशने और प्रभावित किसानों व निर्यातकों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की मांग भी की गई है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments