Friday, March 6, 2026
spot_img
HomeBusinessTelangana Holi Tradition: इस गांव में मुक्के बरसाकर मनाई जाती है होली,...

Telangana Holi Tradition: इस गांव में मुक्के बरसाकर मनाई जाती है होली, गजब की है यहां की परंपरा

तेलंगाना के निजामाबाद जिले के सालूर मंडल के हुस्ना गांव में होली का त्योहार सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि एक बेहद अनोखी और चौंकाने वाली परंपरा से मनाया जाता है. यहां होली के दिन गांव के लोग खुद को दो अलग-अलग समूहों में बांट लेते हैं और फिर शुरू होती है एक ऐसी परंपरा जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए. गांव के बीच स्थित हनुमान मंदिर के सामने सड़क के बीचों-बीच एक मोटी रस्सी बांधी जाती है. रस्सी के दोनों ओर गांव के लोग दो गुटों में खड़े हो जाते हैं. हर व्यक्ति एक हाथ से रस्सी को मजबूती से पकड़ता है और दूसरे हाथ की मुट्ठी कसकर सामने खड़े व्यक्ति पर मुक्के बरसाने लगता है.

कुछ ही पलों में माहौल बेहद रोमांचक और अजीब सा हो जाता है. चारों तरफ शोर, हंसी और जोश का माहौल बन जाता है. लोग पूरे उत्साह के साथ एक-दूसरे पर मुक्के चलाते हैं. देखने वालों को यह किसी झगड़े जैसा लग सकता है, लेकिन गांव वालों के लिए यह एक पारंपरिक खेल है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह मुक्केबाजी सिर्फ पांच से छह मिनट तक ही चलती है. जैसे ही तय समय पूरा होता है, दोनों पक्ष अचानक रुक जाते हैं. कुछ देर पहले तक जो लोग एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रहे होते हैं, वही लोग अगले ही पल हंसते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं.

गांव में उत्साह और भाईचारे का माहौल

इस अजीब परंपरा को गांव के लोग होली के उत्सव का हिस्सा मानते हैं. उनका कहना है कि यह रस्म गांव में उत्साह और भाईचारे का प्रतीक है. लड़ाई जैसी दिखने वाली यह परंपरा दरअसल आपसी मेल-मिलाप और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है. हर साल होली के दिन यह अनोखा दृश्य देखने के लिए आसपास के इलाकों से भी लोग यहां पहुंचते हैं. रंगों के त्योहार के बीच मुक्कों का यह खेल जितना अजीब लगता है, उतना ही रोमांचक भी है, जहां लड़ाई के बाद अंत में सिर्फ मुस्कान और शुभकामनाएं ही बचती हैं.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments