लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखकर भूत-पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) से जुड़े दो गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. ये पत्र संसद भवन में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद लिखा गया है. इन्होंने अपनी परेशानियों से उन्हें अवगत कराया था.
राहुल गांधी ने वित्तीय स्थिति पर जताई चिंता
राहुल गांधी ने पत्र में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) की मौजूदा वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने लिखा कि योजना, जिसका मकसद पूर्व सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है. इस समय भारी फंडिंग संकट से जूझ रही है.
पत्र में जिक्र है कि 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के मेडिकल बिल लंबित हैं और बजट आवंटन वास्तविक आवश्यकता से लगभग 30 प्रतिशत कम है. भुगतान में देरी के कारण कई निजी अस्पताल योजना से बाहर हो रहे हैं. जिससे पूर्व सैनिकों को या तो अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में देरी करनी पड़ रही है.
राहुल गांधी ने इसे ‘देश की सेवा कर चुके सैनिकों के साथ अन्याय’ बताया है. इसके साथ ही उन्होंने वित्त विधेयक 2026 में प्रस्तावित उस प्रावधान पर भी आपत्ति जताई है. जिसमें सेवा में बने रहने वाले सैनिकों की दिव्यांगता पेंशन पर आयकर लगाने की बात कही गई है.
दिव्यांगता पेंशन पर आयकर लगाने का प्रस्ताव वापस लिया जाए
पत्र में कहा है कि 1922 के बाद पहली बार दिव्यांगता पेंशन को कर के दायरे में लाया जा रहा है. राहुल गांधी ने लिखा कि दिव्यांगता पेंशन कोई आय नहीं, बल्कि चोटिल सैनिकों को दी जाने वाली राहत है. ऐसे सैनिक जो घायल होने के बावजूद सेवा जारी रखते हैं, वे विशेष सम्मान के पात्र हैं, न कि कराधान के.
राहुल गांधी ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि ECHS की सभी लंबित देनदारियों का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए और पर्याप्त बजट आवंटन किया जाए. साथ ही दिव्यांगता पेंशन पर पूर्ण आयकर छूट बहाल की जाए.
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