हैदराबाद के नामपल्ली स्थित प्रजा प्रतिनिधि विशेष अदालत में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए. यह हाजिरी 2019 के हुजूरनगर उपचुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता तोड़ने और 2021 में कोविड नियमों का उल्लंघन करने के दो पुराने मामलों की सुनवाई के लिए थी. चुनाव आयोग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने दोनों केस दर्ज किए थे और अब इनकी जांच के सिलसिले में मुख्यमंत्री को कोर्ट में हाजिर होना पड़ा.
कड़े घेरे में कोर्ट के अंदर दाखिल हुए मुख्यमंत्री
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच मुख्यमंत्री शांत भाव से अंदर गए. उन्होंने न्यायाधीश के सामने हाजिरी भरी और मामले की सुनवाई में शामिल हुए. 2019 की बात करें तो हुजूरनगर उपचुनाव के दौरान रेवंत रेड्डी और उस समय सांसद रहे उत्तम कुमार रेड्डी पर आरोप था कि उन्होंने एक उम्मीदवार के समर्थन में 40 कारों का काफिला और डीजे साउंड के साथ रैली निकाली. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक ऐसी रैलियां मॉडल कोड का साफ उल्लंघन थीं. इसी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था.
दूसरा मामला साल 2021 का है
दूसरा मामला 2021 का है. उस समय पूरे देश में कोविड-19 के सख्त नियम चल रहे थे. आरोप है कि रेवंत रेड्डी ने बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखे एक सार्वजनिक बैठक में हिस्सा लिया. उस वक्त वे राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष थे. दोनों मामले कई साल पुराने हैं और इनकी जड़ें उस समय की राजनीति में हैं जब बीआरएस सरकार सत्ता में थी.
सुनवाई में न्यायाधीश ने मामलों की आगे की जांच पर गौर किया. मुख्यमंत्री की तरफ से इन केसों को पुराना और राजनीतिक प्रेरित बताया जाता रहा है. अदालत ने अगली तारीख तय की है. इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है कि सत्ता में आने के बाद भी पुराने कानूनी मामले कैसे पीछा नहीं छोड़ते.



