Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तूत्तुकुड़ी जिले के कोविलपट्टी निवासी मारिमुथु उर्फ कुमार एक भवन निर्माण श्रमिक के रूप में काम करता था. उसकी पत्नी कल्पकवल्ली के बारे में आरोप था कि उसके अपने सहकर्मी गणेश के साथ अवैध संबंध थे. जब कुमार को इस बात की जानकारी हुई तो उसने अपनी पत्नी से झगड़ा किया और उसे डांटा. इसके बाद कल्पकवल्ली अपने दो बच्चों को कुमार के पास छोड़कर गणेश के साथ कोयंबटूर जिले के करुमाथम्पट्टी के पास सोलाकाट्टू पालयम में एक किराए के मकान में रहने लगी.
करीब दस साल बाद, साल 2014 में कुमार अपनी पत्नी की तलाश में करुमाथम्पट्टी पहुंचा. वहां उसने कल्पकवल्ली के घर का दरवाजा खटखटाया. जैसे ही कल्पकवल्ली बाहर आई, गुस्से में कुमार ने अपने पास छिपाकर रखे चाकू से उस पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल कल्पकवल्ली जोर-जोर से चिल्लाने लगी. शोर सुनकर गणेश उसे बचाने के लिए आया, लेकिन कुमार ने उस पर भी चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया.
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया
घायल कल्पकवल्ली को तुरंत कोयंबटूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. वहीं गणेश को इलाज के बाद बचा लिया गया. इस घटना के संबंध में करुमाथम्पट्टी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
यह मामला कोयंबटूर के 5वें अतिरिक्त जिला कोर्ट में विचाराधीन था. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस शिवकुमार ने अपराध सिद्ध होने पर कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही उस पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह एक सुनियोजित और क्रूर हत्या का मामला है, जिसमें आरोपी ने निजी रंजिश के चलते अपनी पत्नी की जान ली. इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.



