अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के फैसले के बाद ट्रंप ने 15 फीसदी टैरिफ का ऐलान कर दिया. अमेरिकी टैरिफ का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, भारतीय इकोनॉमी पर इसके प्रभाव को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा.
क्या बोलीं वित्त मंत्री?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इस पर कोई टिप्पणी करना थोड़ा जल्दबाजी होगा. भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है, प्रतिनिधिमंडल को यह तय करना होगा कि वे आगे की बातचीत कब करेंगे. इस पर फैसला संबंधित मंत्रालय लेगा.’
अमेरिकी SC ने रद्द किया था ट्रंप का आदेश
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ के आदेश को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को रद्द कर दिया था, ट्रंप ने कोर्ट के इस आदेश को शर्मनाक बताया था. कोर्ट का फैसला आने के कुछ घंटों के भीतर ही ट्रंप ने सभी देशों पर 10 फीसदी के नए टैरिफ का ऐलान कर दिया, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया.
अमेरिकी टैरिफ के भारत के लिए क्या मायने?
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में तय 18 फीसदी के टैरिफ की दरें भी ट्रंप के 15 फीसदी के नए टैरिफ से कम हैं. भारत के साथ ट्रेड डील के बारे में ट्रंप ने कहा था, ‘कुछ नहीं बदलेगा. वे टैरिफ चुकाएंगे और हम टैरिफ नहीं चुकाएंगे. वहीं, भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप प्रशासन के नए कदमों के प्रभाव की समीक्षा करने की बात कही है.
वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा है कि भारत की ओर से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद अमेरिकी प्रशासन की ओर से घोषित किए गए उपायों के भारत पर प्रभाव का आकलन किया जा रहा है.



