दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के घोषणापत्र पर कुल 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क, रूस और जर्मनी भी शामिल हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (21 फरवरी) को यह जानकारी दी. यह एआई के प्रभावों पर आयोजित शिखर सम्मेलन को मिले वैश्विक समर्थन को दर्शाता है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ह्यूमन सेंटर्ड एआई की दृष्टि को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है. एआई संसाधनों, सेवाओं और टेक्नोलॉजी को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का लक्ष्य सभी देशों ने स्वीकार किया है.’ उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक भलाई को संतुलित करने को प्राथमिकता दी जा रही है. वैष्णव ने कहा, ‘सिर्फ आर्थिक वृद्धि ही नहीं, सामाजिक सामंजस्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. सुरक्षा और भरोसा इस योजना के केंद्र में हैं और इन्हें मुख्य बिंदुओं में शामिल किया गया है.’
घोषणापत्र में इनोवेशन पर दिया गया जोर
उन्होंने कहा कि घोषणापत्र के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में इनोवेशन और मानव संसाधन के विकास पर भी जोर दिया गया है. केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, ‘इन सभी क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सभी देशों ने सहमति जताई है. इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकांश देशों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया. इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क, मिस्र, इंडोनेशिया और जर्मनी शामिल हैं.’ एआई इंपैक्ट समिट में केवल एआई से संबंधित बुनियादी ढांचे के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक का निवेश सुनिश्चित किया गया.
भारत के विजन पर 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मुहर
इस घोषणा का 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन किया है. इनमें अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, इथियोपिया, जापान, इटली, इजराइल और आयरलैंड शामिल हैं. समर्थन देने वाले अन्य देशों में इंडोनेशिया, ईरान, हंगरी, यूनान, जर्मनी, फिनलैंड, मेक्सिको, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, ओमान, फिलीपींस, पेरू, रोमानिया, रवांडा, सेनेगल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्पेन, श्रीलंका, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूक्रेन शामिल हैं.
इसके अलावा यूरोपीय संघ (EU) और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) के रूप में दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस घोषणा का समर्थन किया है. केंद्रीय मंत्री श्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को कहा था कि इस सम्मेलन में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जो भारत की एआई पहल में घरेलू और वैश्विक मजबूत रुचि और सहभागिता को दर्शाता है.
5 लाख से ज्यादा लोग एआई एग्जीबिशन में पहुंचे: अश्विनी वैष्णव
उन्होंने कहा, ‘एआई एग्जीबिशन में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, बहुत कुछ सीखा और दुनिया भर के कई विशेषज्ञों के साथ बातचीत की. कई स्टार्टअप को अपने काम को प्रदर्शित करने का अवसर मिला. कुल मिलाकर, चर्चाओं की गुणवत्ता अद्भुत थी.’
Input By : पीटीआई भाषा



