नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट (AI Summit) के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर देशहित से समझौते का आरोप लगाया. यूथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को समझौतावादी बताते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि देश की अस्मिता से जुड़ा है.
भारत मंडपम के एग्जिबिशन हॉल में प्रदर्शन
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम के एग्जिबिशन हॉल में एकत्र होकर नारेबाजी की और अपनी आपत्ति दर्ज कराई. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, लेकिन कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया.
‘PM is compromised’ का लगाया नारा
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि शुक्रवार को एआई समिट के मंच से देश के युवाओं ने साफ संदेश दे दिया है कि वे अब चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि ‘PM is compromised’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के मन का आक्रोश है. उनका आरोप था कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ है और इससे एकतरफा लाभ अमेरिका को मिलेगा.
लोकतांत्रिक अधिकार और युवाओं की आवाज
उदय भानु चिब ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और युवा कांग्रेस इसी अधिकार का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन एआई समिट के आयोजन के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन नीतिगत फैसलों के खिलाफ है जो भारत के हितों से समझौता करते हैं.
किसानों और युवाओं के हितों का मुद्दा
उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसानों के हितों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते किए जा रहे हों और युवाओं को बेरोजगारी के बीच नफरत की राजनीति में उलझाया जा रहा हो, तब क्या चुप रहना चाहिए. उनका कहना था कि यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह रहना होगा.
सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध का सवाल
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सड़कों पर प्रदर्शन करने से रोका जाता है और आईटी नियमों की आड़ में सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट हटवाई जाती हैं. ऐसे में विपक्षी आवाजों के सामने विकल्प सीमित होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और युवा कांग्रेस आगे भी अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी.
गांधी और भगत सिंह के रास्ते पर चलने का दावा
अपने संबोधन के अंत में उदय भानु चिब ने कहा कि अगर वे महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलना जानते हैं, तो भगत सिंह के साहस से भी प्रेरणा लेते हैं. उन्होंने दोहराया कि देश के युवाओं और किसानों के हितों का सौदा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा.



