Friday, February 20, 2026
spot_img
HomeBusinessप्रधानमंत्री आवास के पास बनी झुग्गियों पर चलेगा बुलडोजर, कहां शिफ्ट होंगे...

प्रधानमंत्री आवास के पास बनी झुग्गियों पर चलेगा बुलडोजर, कहां शिफ्ट होंगे बेघर लोग?

केंद्र सरकार ने दिल्ली के रेस कोर्स रोड पर स्थित तीन झुग्गी बस्तियों के निवासियों को जल्द से जल्द जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है. इन बस्तियों में रहने वाले कुल 717 परिवारों को 6 मार्च 2026 तक अपने घर छोड़ने और सावदा घेवरा में आवंटित फ्लैट्स में शिफ्ट होने को कहा गया है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

प्रधानमंत्री आवास से कुछ दूरी पर तीन बस्तियां

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीन बस्तियां भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और DID कैंप हैं, जो प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं. हालांकि 2016 में न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया था, लेकिन लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) के रिकॉर्ड में अभी भी इन्हें रेस कोर्स रोड के पते पर दर्ज किया गया है.

केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) के अधीन आने वाले L&DO ने 19 फरवरी 2026 को एक निवासी को जारी नोटिस में स्पष्ट किया कि ये झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर सरकारी जमीन पर बनी हैं. नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की पुनर्वास नीति के तहत जनवरी 2024 में L&DO और दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी ने संयुक्त सर्वे किया था. इस सर्वे में पात्र निवासियों की जांच की गई और उसके बाद सावदा घेवरा में DUSIB कॉलोनी में फ्लैट्स आवंटित करने का फैसला लिया गया. सावदा घेवरा दिल्ली से करीब 45 किलोमीटर दूर है.

दिल्ली हाईकोर्ट में दी थी नोटिस को चुनौती

पिछले साल 29 अक्टूबर 2025 को सभी निवासियों को पुनर्वास के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन नवंबर में इसे दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. कोर्ट ने 13 नवंबर 2025 को सरकार से जवाब मांगा और अंतरिम आदेश में कहा कि निवासियों को बिना प्रक्रियागत सुरक्षा के नहीं निकाला जाएगा. फिर 13 जनवरी को सरकार ने जवाब के लिए चार हफ्ते का और समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 मई को तय की और अंतरिम आदेश को तब तक लागू रखने का निर्देश दिया.

पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही सरकार

इससे पहले भी इन बस्तियों के निवासियों ने सर्दियों में घर छोड़ने की मुश्किलों का जिक्र किया था. एक पुरानी रिपोर्ट में निवासियों ने कहा था कि ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ का वादा कहां है? लेकिन अब सरकार ने पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर की सफाई और विकास के लिए जरूरी है, हालांकि निवासियों के लिए इतनी दूर शिफ्ट होना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.

सरकार की इस कार्रवाई पर अभी निवासियों की ओर से कोई ताजा प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले की शिकायतों से पता चलता है कि वे अपने रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और दूरी की वजह से चिंतित हैं. दिल्ली में झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास एक पुराना मुद्दा रहा है, और ऐसे मामलों में अक्सर कोर्ट का हस्तक्षेप होता है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments