तेलंगाना में हाल ही में हुए म्युनिसिपल चुनाव के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी मिसाल देखने में आई. हुआ कुछ यूं कि यदाद्री जिले में 16 फरवरी को जलालपुर गांव, बोम्मलारामराम मंडल की जामा मस्जिद में अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की घटना सामने आई. मस्जिद की बाउंड्री वॉल, दरवाजों और माइक्रोफोन सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया.
घटना के दो दिन बाद, 18 फरवरी को रमजान के पवित्र महीने के मौके पर उद्योगपति और राम कंडक्टर्स के प्रबंध निदेशक राजेंद्र अग्रवाल मस्जिद पहुंचे, नुकसान की भरपाई का जिम्मा लिया और घटना को असहनीय बताया.
अग्रवाल बोले- धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना एकता के खिलाफ
मस्जिद परिसर में उस समय स्थानीय लोग और मस्जिद कमेटी के सदस्य मौजूद थे. अग्रवाल ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना समाज की एकता के खिलाफ है. उन्होंने पहले ही मजलिस बचाओ तहरीक के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान से संपर्क कर मरम्मत में आर्थिक सहयोग की पेशकश की थी. बुधवार को दोनों ने मस्जिद का निरीक्षण किया. मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने उन्हें क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी दी और बताया कि घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल बन गया था.
दिखाई गईं मस्जिद की टूटी दीवारें और क्षतिग्रस्त दरवाजे
दौरे के दौरान अग्रवाल को मस्जिद की टूटी दीवारें और क्षतिग्रस्त दरवाजे दिखाए गए. निरीक्षण के बाद उन्होंने मस्जिद कमेटी को एक चेक सौंपा और भरोसा दिलाया कि बाउंड्री वॉल, दरवाजों और साउंड सिस्टम की मरम्मत जल्द शुरू कराई जाएगी. वहां मौजूद लोगों ने इस कदम का स्वागत किया और इसे सामाजिक सौहार्द की दिशा में सकारात्मक पहल बताया.
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी की रात हुई तोड़फोड़ के मामले में जांच जारी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने की अपील की है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलालपुर में विभिन्न समुदाय लंबे समय से साथ रहते आए हैं और ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई.



