Sunday, February 15, 2026
spot_img
HomeBusinessDelhi AI Summit Security: AI इम्पैक्ट समिट को लेकर दिल्ली में सुरक्षा...

Delhi AI Summit Security: AI इम्पैक्ट समिट को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम!10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती 183 CCTV कैमरे का लगा जाल

दिल्ली में होने जा रहे AI इम्पैक्ट समिट को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. राजधानी में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. लगभग हर जिले से 800  पुलिसकर्मी लगाए गए हैं. इसके अलावा स्पेशल यूनिट, रिजर्व फोर्स और ट्रैफिक पुलिस भी ड्यूटी पर रहेगी. खासतौर पर कार्यक्रम स्थल और लुटियंस दिल्ली इलाके में कड़ी सुरक्षा रहेगी. यह सुरक्षा व्यवस्था कई एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है, क्योंकि इस समिट में कई देशों के प्रमुख और वीवीआईपी शामिल होंगे.

करीब 4,200 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. पूरी दिल्ली को 10 जोन में बांटा गया है, जिसकी निगरानी डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दूसरे यूनिट्स से भी अतिरिक्त डीसीपी लगाए गए हैं. VVIP मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए काफिलों की रूट रिहर्सल की गई है. भारत मंडपम, सुषमा स्वराज भवन और हैदराबाद हाउस के आसपास के इलाकों में अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू रहेंगे.

दिल्ली पुलिस के 183 सीसीटीवी कैमरे

पूरे इलाके की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी. दिल्ली पुलिस के 183 सीसीटीवी कैमरे, साथ ही एनडीएमसी और पीडब्ल्यूडी के कैमरों के जरिए 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी. एंट्री के लिए QR कोड वाले पास जारी किए गए हैं. ताकि आने वाले लोगों की पहचान जल्दी और सुरक्षित तरीके से हो सके.द्वारका जैसे इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है. वहां पैदल गश्त और वाहनों की जांच तेज कर दी गई है.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का खास इंतजाम

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए खास इंतजाम किए हैं. 17 फरवरी से शुरू हो रही CBSE बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए छात्रों के लिए विशेष पास और मदद की व्यवस्था की गई है. ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी. समिट के दौरान ड्रोन से किसी भी खतरे को रोकने के लिए विशेष एंटी-ड्रोन टीमें तैनात की गई हैं. भारत मंडपम और लुटियंस दिल्ली के आसपास एयरस्पेस की निगरानी के लिए रडार सिस्टम और रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर लगाए गए हैं. बिना अनुमति वाले ड्रोन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. किसी भी संदिग्ध ड्रोन को तुरंत निष्क्रिय किया जाएगा.  ICCC के जरिए सीसीटीवी नेटवर्क के साथ मिलकर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी.

सुरक्षा में कई केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल

इस कार्यक्रम की सुरक्षा में कई केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हैं CRPF, BSF और Indo-Tibetan Border Police जैसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बाहरी सुरक्षा और रिजर्व फोर्स की जिम्मेदारी संभालेंगी. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड  हाई-रिस्क हालात और संभावित आतंकी खतरों से निपटने के लिए तैनात रहेगी.  स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप प्रधानमंत्री और अन्य बड़े वीवीआईपी को नजदीकी सुरक्षा देगी. इंटेलिजेंस ब्यूरो और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग  खुफिया जानकारी जुटाने और खतरे का आकलन करने में लगे हैं. आपात स्थिति के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स भी तैयार रहेगी. 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments