Sunday, February 15, 2026
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Analog या Digital घड़ी? कौन बताती है सबसे सटीक समय, अभी जानिए सच्चाई

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Analog Vs Digital Watch: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सही समय जानना बेहद जरूरी हो गया है. ऑफिस, कॉलेज या किसी जरूरी काम के लिए कुछ मिनट की देरी भी परेशानी खड़ी कर सकती है. ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि एनालॉग घड़ी ज्यादा सटीक होती है या डिजिटल? दिखने में दोनों अलग हैं लेकिन असली फर्क इनके काम करने के तरीके में छिपा होता है.

एनालॉग घड़ी कैसे बताती है समय?

एनालॉग घड़ी में समय सुइयों के जरिए दिखाया जाता है घंटे, मिनट और कई बार सेकंड की सुई के साथ. पारंपरिक मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां स्प्रिंग और गियर सिस्टम पर चलती हैं. तापमान, झटकों या रोजाना इस्तेमाल के कारण इनमें रोज कुछ सेकंड का फर्क आ सकता है.

वहीं, क्वार्ट्ज तकनीक वाली एनालॉग घड़ियां बैटरी और क्वार्ट्ज क्रिस्टल की मदद से काम करती हैं. जब बैटरी से ऊर्जा मिलती है तो क्वार्ट्ज एक तय गति से कंपन करता है जिससे समय अधिक स्थिर और सटीक रहता है.

डिजिटल घड़ी का तरीका अलग

डिजिटल घड़ी में समय सीधे अंकों में दिखाई देता है घंटे, मिनट और सेकंड के रूप में. ज्यादातर डिजिटल घड़ियां भी क्वार्ट्ज तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि समय एलसीडी या एलईडी स्क्रीन पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदर्शित होता है.

डिजिटल घड़ियों में अलार्म, स्टॉपवॉच, टाइमर और कई बार ऑटोमैटिक टाइम अपडेट जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोगी साबित होती हैं.

असली सटीकता किसमें?

समय की सटीकता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि घड़ी एनालॉग है या डिजिटल, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि उसके अंदर कौन-सी तकनीक लगी है. क्वार्ट्ज पर आधारित एनालॉग और डिजिटल दोनों तरह की घड़ियां आमतौर पर महीने में सिर्फ कुछ सेकंड का ही अंतर दिखाती हैं.

मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां क्वार्ट्ज की तुलना में थोड़ी कम सटीक होती हैं और समय-समय पर एडजस्ट करनी पड़ सकती हैं. वहीं, कुछ आधुनिक डिजिटल घड़ियां जीपीएस या रेडियो सिग्नल से खुद को आधिकारिक समय के साथ सिंक कर लेती हैं जिससे वे बेहद सटीक बन जाती हैं.

किसे चुनें ताकि लेट न हों?

अगर आपको बिल्कुल सटीक समय चाहिए, तो क्वार्ट्ज या जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है. हालांकि, रोजमर्रा के उपयोग के लिए क्वार्ट्ज एनालॉग घड़ी भी उतनी ही भरोसेमंद साबित होती है. आखिरकार चुनाव आपकी पसंद, स्टाइल और आराम पर निर्भर करता है. सही तकनीक वाली घड़ी चुन लें तो ऑफिस या कॉलेज लेट होने की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है.

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