Sunday, February 15, 2026
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फोन हो गया चोरी? घबराएं नहीं! Google की इस ट्रिक से मिनटों में ऐसे लगा सकते हैं पता, नहीं पड़ेगी किसी ऐप की जरूरत

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Google Smart Trick: आज के समय में स्मार्टफोन केवल कॉल करने का साधन नहीं रहा, बल्कि हमारी बैंकिंग डिटेल, यूपीआई ऐप्स, निजी दस्तावेज और सोशल मीडिया अकाउंट्स तक सब कुछ इसी में सुरक्षित रहता है. ऐसे में अगर फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो घबराहट होना स्वाभाविक है. गलत हाथों में जाने पर निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ जाता है. लेकिन समय रहते सही कदम उठाकर आप अपनी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं.

जानिए Google का इनबिल्ट सुरक्षा फीचर

कई लोग अब भी यह नहीं जानते कि एंड्रॉयड फोन में पहले से एक खास सुरक्षा सुविधा मौजूद होती है जिसे Find My Device कहा जाता है. इसके लिए किसी अलग ट्रैकिंग ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती. यह Google की आधिकारिक सेवा है जो आपके फोन की लोकेशन पता लगाने में मदद करती है.

ऐसे लगाएं फोन की लोकेशन का पता

अगर आपका फोन खो गया है तो किसी दूसरे मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर का इस्तेमाल करें. उसमें उसी Google अकाउंट से लॉग इन करें जो आपके गुम हुए फोन में इस्तेमाल हो रहा था. इसके बाद ब्राउज़र में Find My Device खोलें. वहां आपके अकाउंट से जुड़े डिवाइस की सूची दिखाई देगी. जैसे ही आप अपने फोन का चयन करेंगे कुछ ही पलों में मैप पर उसकी आखिरी ज्ञात लोकेशन नजर आने लगेगी.

सिर्फ लोकेशन ही नहीं और भी कई विकल्प

यह फीचर केवल फोन की स्थिति बताने तक सीमित नहीं है. आप चाहें तो अपने फोन को फुल वॉल्यूम पर रिंग कर सकते हैं चाहे वह साइलेंट मोड में ही क्यों न हो. जरूरत पड़ने पर डिवाइस को दूर से लॉक किया जा सकता है. स्क्रीन पर अपना संपर्क नंबर या कोई संदेश भी दिखाया जा सकता है ताकि फोन पाने वाला आपसे संपर्क कर सके. अगर स्थिति गंभीर लगे तो पूरा डेटा रिमोटली मिटाने का विकल्प भी मौजूद है जिससे आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे.

ध्यान रहे कि यह सुविधा तभी सही तरीके से काम करती है जब फोन में इंटरनेट और लोकेशन सर्विस चालू हों. इसलिए पहले से इन सेटिंग्स को सक्रिय रखना समझदारी है.

अगर फोन बंद कर दिया गया हो तो?

अक्सर यह माना जाता है कि चोर अगर फोन बंद कर दे तो उसे ट्रैक करना असंभव हो जाता है. जबकि सच्चाई यह है कि डिवाइस बंद होने से पहले की आखिरी ऑनलाइन लोकेशन सिस्टम में सेव रहती है. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फोन आखिरी बार कहां सक्रिय था. जरूरत पड़ने पर यह जानकारी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में भी सहायक साबित हो सकती है.

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