दिल्ली यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ इतिहासकार प्रोफेसर एस. इरफान हबीब पर पानी की बाल्टी फेंके जाने की घटना के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इरफान हबीब से फैकल्टी ऑफ आर्ट्स कैंपस में हुए साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान बुधवार यानी 11 फरवरी को गेट नंबर-4 पर घटना हुई थी.
उस दौरान हबीब छात्रों की तरफ से आयोजित किए गए पीपल्स लिटरेचर फेस्टिवल समता उत्सव में संबोधन कर रहे थे. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, बाल्टी कैंपस की दीवार के उस पार से फेंकी गई थी. हालांकि, हबीब ने बताया कि बाल्टी सीधे उन पर नहीं लगी, लेकिन पानी उन पर गिर गया.
इरफान हबीब ने क्या बताया?
इरफान हबीब ने कहा, ‘वहां ऐसा कुछ होने का मलतब नही था. वहां कुल 200 से 250 बच्चे थे. वहां कोई पार्टी और व्यक्ति को लेकर बातचीत नही चल रही थी. कुछ लोग पीछे से आते है पानी फेंकते हैं, और फिर बाल्टी फेंकते है. मुझे कुछ नही हुआ. लेकिन जाहिर है ये वो लोग हैं, जो शायद बात करने से डरते है.’
उन्होंने कहा, ‘अगर किसी को विचार पसंद नही तो डिबेट करिए लेकिन इस तरह का काम करना उचित नही है. जिस तरह से देश का माहौल है उसी का प्रतिबिंब यूनिवर्सिटी है. हम लड़ाई लड़ रहे है. लड़ाई लड़ते रहेंगे. किसी भी व्यक्ति पर एक सोच नही थोपना चाहिए यह समय सोचने का है. इरफान हबीब पर हुए हमले के विरोध दिल्ली यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन भी किया गया.’
छात्र संगठन ABVP ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
एबीवीपी ने लग रहे आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है. ABVP का कहना है कि छात्रों के बीच उसकी बढ़ती लोकप्रियता से विचलित होकर वामपंथी छात्र संगठन इस तरह के आरोप लगा रहे हैं. दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि एबीवीपी ने 9, 10 और 11 फरवरी को मदारी नाम से एक कला महोत्सव आयोजित किया. इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों की नुक्कड़ नाटक समितियों ने हिस्सा लिया. उनके अनुसार इस सफल आयोजन से परेशान होकर AISA एबीवीपी कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है. ABVP ने यह भी कहा कि वह परिसरों में स्वस्थ विमर्श को बढ़ावा देने के पक्ष में है और उस पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.



