तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है. गजवेल-प्रज्ञापूर म्युनिसिपालिटी के वार्ड नंबर 2 में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने BRS की विजेता प्रत्याशी ममता के पति पर हमला कर दिया. यह हमला चुनाव परिणामों के बाद के जश्न के दौरान हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. वहीं, इसके विपरीत रंगारेड्डी जिले की आमनगल म्युनिसिपालिटी में BRS ने बहुमत के साथ जीत दर्ज करते हुए अपनी सत्ता को मजबूत किया है.
घटना के अनुसार, गजवेल-प्रज्ञापूर म्युनिसिपालिटी के वार्ड नंबर 2 से BRS प्रत्याशी ममता ने जीत हासिल की थी. जीत के बाद जब जश्न का दौर चल रहा था, तभी कांग्रेस के श्रेणियों ने हस्तक्षेप करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी विरोधी भावना और सत्ता के लालच में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ममता के पति पर जानलेवा हमला कर दिया.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह हमला पार्टी की जीत से नाराज विपक्ष के तत्वों द्वारा अराजकता फैलाने की कोशिश थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना को रोका जा सके. दूसरी ओर, रंगारेड्डी जिले की आमनगल म्युनिसिपालिटी में BRS को बड़ी सफलता मिली है. कुल 15 वार्डों वाली इस म्युनिसिपालिटी में BRS ने 8 सीटें जीतकर सत्ता पर कब्जा जमा लिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 सीटों पर जीत हासिल करते हुए दमदार प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस को महज 1 सीट से ही संतोष करना पड़ा.
यह नतीजे BRS के लिए काफी राहत भरे हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से चल रहे विपक्षी हवा के बीच पार्टी ने अपनी पकड़ कायम रखी है. गजवेल और आमनगल दोनों ही इलाके तेलंगाना की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाते हैं. गजवेल को पारंपरिक तौर पर BRS का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन हाल के चुनावों में कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता के कारण वहां तनाव बना हुआ है.
पिछले विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिली थीं छिटपुट झड़पें
पिछले विधानसभा चुनावों में भी इस तरह की छिटपुट झड़पें देखने को मिली थीं. आमनगल में BRS की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अभी भी BRS का वोट बैंक मजबूत है, जबकि BJP दूसरे नंबर पर आकर खड़ी हो गई है. कांग्रेस का एक वार्ड से ज्यादा न जीत पाना पार्टी के लिए चिंता का विषय है.
इन दोनों घटनाओं ने तेलंगाना की नगरीय राजनीति का नया चेहरा सामने ला दिया है. एक तरफ जहां गजवेल में हिंसा और अराजकता ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी तरफ आमनगल में BRS की जीत ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी दिनों में पुलिस प्रशासन गजवेल हमलावरों के खिलाफ कितनी सख्ती बरतता है और आमनगल में नवनिर्वाचित पार्षद अपने वादों को पूरा करने में कितना कामयाब होते हैं.



