तेलंगाना में नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से चाक-चौबंद हो गई है. राज्य के 7 नगर निगम (Corporations) और 116 नगर पालिकाओं (Municipalities) समेत कुल 132 निकायों में कल यानी बुधवार (11 फरवरी, 2026) को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा.
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन 123 निकायों में कुल 8,203 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इनमें से 1,302 केंद्रों को अति-संवेदनशील (हाइपर-सेंसिटिव) और 1,926 को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि शेष 4,975 केंद्र सामान्य श्रेणी में आते हैं.
चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर कोई समझौता नहीं: DGP
मैदानी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद पाया गया कि प्रशासन ने हर श्रेणी की जरूरत के हिसाब से खाका तैयार किया है. अति-संवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हर छोटी-छोटी गतिविधि पर नजर रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी. तेलंगाना के डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
BJP प्रत्याशी की मौत के बाद मक्तल नगरपालिका के एक वार्ड में चुनाव रद्द
इस बीच, चुनावी माहौल पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है. मक्तल नगर पालिका के 6वें वार्ड में होने वाला चुनाव रद्द कर दिया गया है. दरअसल, यहां भाजपा उम्मीदवार की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था. इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी और सांसद लक्ष्मण ने इस मामले को संसद के दोनों सदनों में उठाते हुए भाजपा उम्मीदवार की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे मामला और गर्मा गया है.
चुनाव खत्म पर पता चलेगा कैसे थे सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम
अब सबकी निगाहें कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं. 7 निगमों और 116 पालिकाओं में फैले इन चुनावों में शांति व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है. जमीन पर किए गए सुरक्षा इंतजाम और डीजीपी की सख्ती इस बात के प्रमाण हैं कि प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है. कल बुधवार (11 फरवरी, 2026) की शाम को जब मतदान समाप्त होगा, तभी यह पता चल पाएगा कि सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम कितने कारगर साबित हुए.



