Wednesday, February 11, 2026
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तिरुपति प्रसाद मामले में मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच करेगी ईडी, दाखिल की ECIR

आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में मिलावट मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच करेगा, जिसके लिए ईडी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है. मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को सूत्रों ने बताया कि ईडी ने आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ईसीआईआर दर्ज की है. ईडी ने सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की ओर से दी गई चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की.

आरोपियों पर हवाला के आधार पर लेन-देन करने के आरोप हैं. प्राइवेट डेयरी फर्मों और बिचौलियों ने घी के टेंडर और क्वालिटी क्लीयरेंस को प्रभावित करने के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के कुछ अधिकारियों को हवाला चैनलों के जरिए रिश्वत दी. ईडी इस पूरे मामले में मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क की भूमिका की जांच करेगा.

23 जनवरी 2026 को नेल्लोर जिले की अदालत में एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट में डेयरी कंपनियों के डायरेक्टरों समेत 36 आरोपियों के नाम हैं. जानकारी के अनुसार, 250 करोड़ रुपए के फाइनेंशियल लेन-देन के लिए शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था.

आरोप हैं कि टीटीडी अधिकारियों को वनस्पति तेलों और केमिकल्स के मिक्सचर को शुद्ध घी के रूप में बेचने के लिए रिश्वत दी गई थी. ईडी की जांच आंध्र प्रदेश सरकार की एसआईटी की रिपोर्ट की पूरी जांच करने के लिए एक आदमी की कमेटी बनाने की घोषणा के कुछ दिनों बाद शुरू हुई, ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई शुरू की जा सके.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 5 फरवरी को घोषणा की थी कि एसआईटी कमियों की पहचान करेगी और जिम्मेदारी तय करेगी. उन्होंने कहा कि कमेटी के रिव्यू पूरा करने के बाद सरकार नतीजों के अनुसार सही कार्रवाई शुरू करेगी.

आरोप है कि तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में यह मिलावट साल 2019 और 2024 के बीच हुई थी और तब राज्य में YSR कांग्रेस पार्टी की सरकार थी. चार्जशीट पर वाईएसआरसीपी ने दावा किया कि एसआईटी ने क्लीन चिट दे दी है, क्योंकि उसने साफ कर दिया कि घी में जानवरों की चर्बी नहीं मिलाई गई थी, जैसा कि मुख्यमंत्री नायडू ने आरोप लगाया था. हालांकि, मिलावट को भक्तों की आस्था के खिलाफ एक गंभीर अपराध बताते हुए, चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि किसी भी रिपोर्ट ने इस मामले में वाईएसआरसीपी को क्लीन चिट नहीं दी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लड्डू बनाने के लिए मिलावटी घी में बाथरूम क्लीनर का इस्तेमाल किया गया था.

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