Thursday, February 12, 2026
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मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील के बाद भारत-EU का जॉइंट स्टेटमेंट, लाखों नौकरियां आएंगी, 2 अरब लोगों के बीच होगा व्यापार

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और कई रणनीतिक समझौतों पर सहमति जताई. इस दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे.

पहली बार गणतंत्र दिवस पर EU नेता मुख्य अतिथि
कोस्टा और वॉन डेर लेयेन का दौरा भारत-EU रिश्तों में बढ़ती नजदीकी और साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है. दोनों नेताओं का स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया और उन्होंने परेड में शामिल होकर भारत-EU सैन्य प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया.

16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी, कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने सम्मेलन में साझा मूल्यों जैसे लोकतंत्र, मानवाधिकार, कानून का शासन और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने सुरक्षा खतरों से निपटने, सतत विकास लक्ष्यों, जलवायु और जैव विविधता कार्यों पर भी सहमति जताई.

व्यापार और निवेश को बढ़ावा
नेताओं ने भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते की सफलता का स्वागत किया. यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा और दोनों पक्षों के लिए समृद्धि लाएगा. दोनों नेताओं ने व्यापारिक मंच पर निजी निवेश को बढ़ाने और उद्योग क्षेत्रों में नए सहयोग की अपील की. अहम बात यह भी है कि इसकी वजह से लाखों लोगों को नौकरी मिलने की संभावना है, साथ ही करीब 2 करोड़ लोगों के बीच व्यापार की संभावना बनेगी.

सुरक्षा, रक्षा और तकनीकी सहयोग
भारत-EU सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर भी सहमति हुई, जिसमें साइबर, आतंकवाद, अंतरिक्ष सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं. तकनीक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए EU-India Trade and Technology Council को मजबूत करने और AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6G और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया.

क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग
नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सुधार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांतिपूर्ण और खुला वातावरण सुनिश्चित करने और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति जताई. यूक्रेन और इरान सहित अंतरराष्ट्रीय संकटों पर संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया.

शिक्षा और लोगों के बीच संबंध
शिक्षा, कौशल विकास और गतिशीलता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत-EU मूवमेंट और शिक्षा संवाद की शुरुआत का ऐलान किया गया. उच्च शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा में सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई.

जलवायु, ऊर्जा और सतत विकास
जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए EU-India Green Hydrogen Task Force और Wind Business Summit की घोषणा हुई. महासागर और मत्स्य पालन, जल सुरक्षा और जैव विविधता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल पर भी सहमति बनी.

आगामी शिखर सम्मेलन और AI समिट
नेताओं ने भारत में 19-20 फरवरी 2026 को होने वाले AI Impact Summit का स्वागत किया और 17वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को ब्रसेल्स आमंत्रित किया. यह शिखर सम्मेलन भारत-EU संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने और मुक्त व्यापार, सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

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