तेलंगाना के यदाद्री भुवनगिरी जिले के तुरकापल्ली मंडल के डट्टायपल्ली गांव में सोमवार (26 जनवरी, 2026) की शाम को एक बाघ के हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी. एक पशुपालक के सामने एक गाय पर हुए जानलेवा हमले ने 10 से 15 किलोमीटर के रेडियस स्थित गांवों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है. इस घटना के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर न निकलने और जंगली इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है.
चश्मदीदों और वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार (26 जनवरी, 2026) की शाम करीब 4 बजे घटी. पशुपालक जी. श्रीसैलम जब अपनी चार गायों को लेकर गांव के बाहरी इलाके में चराने गए थे, तो अचानक उन्होंने दो गायों को भयभीत हालत में भागते हुए देखा. जब श्रीसैलम वापस उस स्थान पर पहुंचे, तो वहां का नजारा डरावना था. एक गाय गले में गहरे घावों के साथ मृत पड़ी थी. श्रीसैलम खुद बाल-बाल बच गए, लेकिन यह नजारा उनके लिए एक बुरा सपना साबित हुआ.
पिछले हफ्ते भी हुई ऐसी घटना
यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि एक कड़ी का हिस्सा है. महज एक सप्ताह पहले करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर इब्राहिमपुर गांव में भी एक पशु की मौत हुई थी, जिसके बाद वन विभाग ने ट्रैप कैमरे लगाने शुरू कर दिए थे. लगातार दूसरी बार बाघ के दिखने से यह स्पष्ट हो गया है कि यह बड़ा शिकारी इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से घूम रहा है. वन अमले ने मृत गाय के पास से ताजा फूटप्रिंट बरामद किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमलावर एक बाघ है. अधिकारियों का मानना है कि बाघ अपने शिकार को खाने के लिए अगले 24 से 48 घंटों में फिर वापस आ सकता है.
वन विभाग बाघ की गतिविधि पर रख रही कड़ी नजर
एहतियात के तौर पर, वन विभाग ने डट्टायपल्ली, इब्राहिमपुर, तुरकापल्ली, टिम्मापुर, बासवापुर और रल्ला जंगांव के ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए हैं. अतिरिक्त ट्रैप कैमरे लगाकर बाघ की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
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