Thursday, February 12, 2026
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Grok पर इस देश ने लगा दिया बैन! डिजिटल हिंसा के आरोप में Elon Musk के AI चैटबॉट को किया ब्लॉक, जानिए क्या है पूरा मामला

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Grok AI: Elon Musk की AI कंपनी xAI के चैटबॉट Grok को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इंडोनेशिया ने अस्थायी रूप से इस AI चैटबॉट पर रोक लगा दी है जिससे वह Grok को ब्लॉक करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है. यह फैसला तब लिया गया, जब सामने आया कि बड़ी संख्या में यूजर्स Grok का इस्तेमाल महिलाओं और यहां तक कि बच्चों की आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बनाने में कर रहे थे.

डिजिटल स्पेस में गंभीर अपराध मानती है सरकार

इंडोनेशिया की कम्युनिकेशन और डिजिटल मिनिस्टर मेउत्या हाफिद ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बिना सहमति के बनाए गए यौन डीपफेक कंटेंट को सरकार मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन मानती है. उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं.

सरकार का कहना है कि AI के जरिए बनाए जा रहे अश्लील कंटेंट से महिलाओं, बच्चों और समाज पर मानसिक और सामाजिक स्तर पर गहरा नकारात्मक असर पड़ रहा है. इसी वजह से Grok के इस्तेमाल को डिजिटल आधारित हिंसा की श्रेणी में रखा गया है.

X को भेजा गया समन, जवाब देना होगा जरूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडोनेशियाई सरकार ने X (पहले ट्विटर) के अधिकारियों को औपचारिक समन भी जारी किया है. अब कंपनी को यह साफ करना होगा कि Grok के मौजूदा सिस्टम से किस तरह के नुकसान हो रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए क्या ठोस तकनीकी कदम उठाए जा रहे हैं.

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि Grok पर लगी यह रोक अस्थायी है लेकिन आगे इसका भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी कितनी सख्ती से कंटेंट फिल्टर और एथिकल AI नियमों को लागू करती है.

Elon Musk का बदला हुआ रुख

इस विवाद के बीच Elon Musk और xAI ने यूजर्स को चेतावनी दी थी कि Grok का गलत या गैरकानूनी इस्तेमाल करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. Musk ने कहा था कि अवैध कंटेंट बनाने पर वही सजा मिलेगी जो ऐसे कंटेंट को अपलोड करने पर मिलती है.

हालांकि, कड़ी आलोचना के बाद Musk का रुख कुछ बदला हुआ नजर आया. उन्होंने एक ऐसे पोस्ट को रीपोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि डीपफेक इमेज बनाने की जिम्मेदारी प्लेटफॉर्म की नहीं, बल्कि यूजर्स की है.

अमेरिका में भी बढ़ा दबाव

मामला सिर्फ इंडोनेशिया तक सीमित नहीं है. अमेरिका के तीन सीनेटरों ने Google और Apple को पत्र लिखकर मांग की है कि वे अपने ऐप स्टोर से Grok और X ऐप को हटाएं. उनका आरोप है कि ये ऐप्स महिलाओं और बच्चों की गैर-सहमति वाली यौन तस्वीरें बनाने की इजाजत देकर अपने नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं.

AI की आज़ादी बनाम जिम्मेदारी

Grok को लेकर उठा यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि AI की ताकत के साथ उसकी जिम्मेदारी कितनी जरूरी है. अगर सही नियंत्रण नहीं हुआ तो तकनीक तरक्की के बजाय समाज के लिए खतरा बन सकती है.

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