अगर आप फरवरी के बाद दिल्ली से फ्लाइट लेने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तीसरी रनवे (11R/29L) को 16 फरवरी 2026 से मरम्मत और अपग्रेड के लिए बंद किया जाएगा. यह वही रनवे है, जो पिछले 17 साल से लगातार इस्तेमाल में है.
एयरपोर्ट ऑपरेटर DIAL के मुताबिक रनवे की सतह बदली जाएगी. नई लाइटिंग लगाई जाएगी. आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाया जाएगा जिससे खराब मौसम में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग हो सके. इसके साथ ही एक नई रैपिड एग्जिट टैक्सीवे बनाई जाएगी ताकि लैंडिंग के बाद विमान जल्दी रनवे खाली कर सकें और देरी कम हो.
दिल्ली एयरपोर्ट की कुल उड़ान क्षमता में नहीं होगा बड़ा कट
DIAL के मुताबिक तीसरी रनवे बंद होने के बावजूद दिल्ली एयरपोर्ट की कुल उड़ान क्षमता में बड़ा कट नहीं होगा. अभी एयरपोर्ट रोजाना करीब 1,514 फ्लाइट मूवमेंट (लैंडिंग + टेकऑफ) संभालता है और रनवे बंद रहने के दौरान भी यही स्तर बनाए रखने की योजना है. हालांकि, पीक ऑवर्स यानी सुबह-शाम की भीड़ के समय कुछ असर दिख सकता है. एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ट्रैफिक दूसरी दो रनवे पर शिफ्ट करना होगा, जिससे कुछ उड़ानों के टेकऑफ या लैंडिंग में थोड़ी देरी हो सकती है.
ज्यादातर फ्लाइट्स चलती रहेंगी, बड़े कैंसिलेशन की उम्मीद नहीं
खासतौर पर खराब मौसम या विजिबिलिटी कम होने पर स्लॉट मैनेजमेंट और सख्त हो सकता है. यात्रियों के लिए मतलब साफ है कि ज्यादातर फ्लाइट्स चलती रहेंगी और कुल मिलाकर बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन की उम्मीद नहीं है. लेकिन पीक टाइम में 10-20 मिनट की देरी या स्लॉट री-शफलिंग संभव है. एयरपोर्ट और एयरलाइंस पहले से शेड्यूल एडजस्टमेंट पर काम कर रही हैं ताकि असर न्यूनतम रहे और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो.
DIAL का कहना है कि यह काम जुलाई 2026 तक पूरा हो सकता है और डीजीसीए की मंजूरी के बाद रनवे फिर से चालू कर दी जाएगी. एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक अपग्रेड भविष्य में बढ़ने वाले यात्री ट्रैफिक को ध्यान में रखकर किया जा रहा है ताकि दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा और क्षमता और मजबूत हो सके.



