Wednesday, February 11, 2026
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हर इंसान के पास होगा अपना पर्सनल AI दोस्त! Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, जानिए 5 साल में कितनी बदल जाएगी दुनिया

Microsoft AI Chief: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ दफ्तरों, फैक्ट्रियों या मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है. यह हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में तेजी से गहराई तक उतर रहा है. Microsoft AI के CEO और जाने-माने AI विशेषज्ञ Mustafa Suleyman का मानना है कि आने वाले करीब पांच सालों में हर व्यक्ति के पास अपना एक निजी AI कंपैनियन होगा जो उसे बेहद करीब से समझेगा.

यूजर को इंसान की तरह समझेगा AI

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए एक वीडियो में Suleyman कहते सुने गए कि भविष्य का AI सिर्फ कमांड मानने वाली मशीन नहीं होगा. यह यूजर की पसंद, आदतों और सोच को समझेगा. उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है, वही सुनेगा जो यूजर सुनता है और हालात को उसी नजरिए से समझेगा.

उनके मुताबिक, यह AI ऐसा महसूस होगा जैसे हमेशा साथ रहने वाला कोई दोस्त या सहायक हो जो ज़िंदगी के बड़े फैसलों और चुनौतियों में मदद करता रहेगा.

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने इस विचार को भविष्य की क्रांति बताया तो कुछ ने इसे जरूरत से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया दावा कहा. एक यूजर ने कहा कि वह ऐसा AI नहीं चाहता जो सीमाओं में बंधा हो, बल्कि ऐसा सिस्टम हो जो खुलकर अपनी बात रख सके. वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि अगर इसमें पांच साल लगेंगे तो प्रगति की रफ्तार काफी धीमी है. कई यूजर्स को तो यह बदलाव इससे भी पहले आता दिख रहा है.

Pi चैटबॉट से जुड़ा है Suleyman का अनुभव

Microsoft से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह-स्थापना की थी, जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट तैयार किया था. Pi को एक भावनात्मक रूप से समझदार AI के तौर पर पेश किया गया था, जिसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था. यह ChatGPT जैसे अन्य AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था. Pi ने कुछ ही समय में लाखों डेली एक्टिव यूजर्स बना लिए थे, हालांकि 2024 में इसकी टीम का बड़ा हिस्सा Microsoft में शामिल हो गया.

इंसान-केंद्रित AI है Suleyman की सोच

Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत करते रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे. उनकी सोच है कि भविष्य में बनने वाली सुपर-एडवांस्ड AI तकनीक पूरी तरह मानव मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए. उनका मानना है कि AI को आज़ादी देने से पहले उसमें सही सीमाएं और नियंत्रण तय करना बेहद जरूरी है ताकि वह इंसानों का भरोसेमंद साथी बन सके.

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