केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने त्रिपुरा के चर्चित चिट फंड घोटाले में फरार चल रहे आरोपी तपन प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आरोपी तपन पिछले 14 सालों से फरार चल रहा था. अदालत ने उसे पहले से ही भगोड़ा घोषित कर रखा था.
CBI ने ये केस 8 अक्टूबर, 2013 को दर्ज किया था. इस घोटाले की जांच की शुरुआत त्रिपुरा सरकार और भारत सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के आधार पर हुई थी.
तपन प्रमाणिक पर क्या है आरोप?
इस मामले में आरोप है कि तपन प्रमाणिक, M/s M.P.S Agro-Animal Projects Ltd. नाम की कंपनी का डायरेक्टर था. उसकी कंपनी और उसके एजेंटों ने लोगों को निवेश के नाम पर लालच देकर करीब 3 से 4 करोड़ रुपये तक की रकम इकट्ठा कर ली थी. इसके बाद में ये सारा पैसा हड़प लिया गया और निवेशकों को वापस नहीं किया गया.
जांच से लगातार फरार रहने के बाद कोर्ट ने जारी किया था वारंट
घोटाले की पूरी जांच होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 अक्टूबर, 2015 को पहली चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद 31 मई, 2019 को एजेंसी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की. इस दौरान तपन प्रमाणिक जांच में शामिल नहीं हुआ और लगातार फरार रहा.
कोर्ट ने आरोपी तपन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वो लगातार जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर रहा. आखिरकार 16 जनवरी, 2023 को अदालत ने चिट फंड घोटाला के मुख्य आरोपी के तौर पर औपचारिक रूप से तपन प्रमाणिक को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया.
पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हुआ चिट फंड घोटाले का आरोपी
CBI ने आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए. टीम ने फील्ड में जाकर वेरिफिकेशन किया. उसके संपर्कों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली और फिजिकल सर्विलांस भी किया. आखिरकार इसी ट्रैकिंग के आधार पर CBI ने आरोपी को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से गिरफ्तार कर लिया.
ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद ले जाया जाएगा त्रिपुरा
गिरफ्तार तपन प्रमाणिक को नादिया जिले की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से ट्रांजिट वारंट लेने के बाद उसे त्रिपुरा की विशेष अदालत में आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया जाएगा. मामले की जांच जारी है.
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