बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) समेत महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान हुए. इसके बाद शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को नतीजों के आने की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे साफ हो गया कि महाराष्ट्र का ‘किंग’ बीजेपी-शिवसेना है. हालांकि इस चुनाव में मुस्लिम बहुल सीटों पर नजर डालें तो वहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने कांग्रेस और एनसीपी (SP) को बड़ा झटका दिया है.
मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी का जलवा
महाराष्ट्र में 29 नगर निगम में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम 95 सीटों पर जीत दर्ज की है. छत्रपति संभाजीनगर और मालेगांव में AIMIM ने सब को चौंका दिया. छत्रपति संभाजीनगर में एआईएमआईएम के 24 तो मालेगांव में उसके 20 उम्मीदवार चुने गए हैं. मालेगांव मुस्लिम बहुल क्षेत्र है जहां कुल 84 सीटें हैं और इसे ओवैसी की पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है. यहां बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें, शिंदे की शिवसेना को 18 सीटें और कांग्रेस को सिर्फ 3 सीट पर बढ़त है.
AIMIM ने बिगाड़ा कांग्रेस-NCP का खेल
सोलापुर, धुले और नांदेड़ में एआईएमआईएम ने 8-8 सीटें जीती हैं, जिससे इन तीनों नगर निगमों में उसकी कुल 24 सीटें हो गई हैं. हालांकि मुंबई में AIMIM सिर्फ 7 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी और एक सीट पर उसके उम्मीदवार आगे है, लेकिन पार्टी ने यहां कांग्रेस और एनसीपी (SP) का खेल पूरी तरह से बिगाड़ दिया. अमरावती में AIMIM के 6, ठाणे में 5 और नागपुर में 4 पार्षद हैं. चंद्रपुर में भी AIMIM ने 1 सीट जीती है. जालना नगर निगम से ओवैसी की पार्टी के 2 उम्मीदवारों के जीत मिली.
ठाकरे ब्रदर्स को लगा बड़ा झटका
इन चुनावों में ‘ठाकरे ब्रदर्स’ (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) को बड़ा झटका लगा है. शिवसेना-यूबीटी और मनसे गठबंधन अधिकतर सीटों पर पिछड़ गया. चुनावों में ‘ठाकरे ब्रदर्स’ को ‘मराठी मानुष’ के एकजुट होने की उम्मीद थी. गठबंधन को शहर पर अपनी दशकों पुरानी पकड़ बनाए रखने में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा. नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी चिंचवाड और नासिक में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त है.
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