केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को जनता से नरेंद्र मोदी सरकार की विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना को लेकर हो रहे दुष्प्रचार के प्रभाव में नहीं आने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि लूट की गारंटी वाले मनरेगा के विपरीत जी राम जी कानून में एक रुपये का भी भ्रष्टाचार होने की गुंजाइश नहीं है.
रिजिजू ने विकसित भारत-जी राम जी योजना को लेकर लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित कार्यशाला के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) में दरअसल लूट की गारंटी थी. उन्होंने दावा किया कि उसमें ऐसी व्यवस्था की गई थी, जिसमें कुछ लोग तिकड़म करके करोड़ों रुपये लूट लेते थे.
जी राम जी कानून के विरोध पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष की ओर से मनरेगा को खत्म करके विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू किए जाने का विरोध करने का जिक्र करते हुए कहा, ‘दुष्प्रचार करने से कुछ नहीं होगा. जब संशोधित नागरिकता कानून लाया गया था, तब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य पार्टियों ने दुष्प्रचार करके देश भर में मुसलमान को बरगलाने का काम किया कि नागरिकता कानून पारित होने से सारे मुसलमानों की नागरिकता छिन जाएगी.’
उन्होंने कहा, ‘ऐसा झूठ फैलाकर गुमराह करने की कोशिश की गई. जब यह कानून पारित हुआ तो बताइए कि क्या किसी मुसलमान की नागरिकता छीनी गई. विकसित भारत-जी राम जी को लेकर भी ऐसा ही कुछ प्रचार करने की कोशिश की जाएगी. मगर जी राम जी अब कानून बन चुका है और इसे लागू करने की पूरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बदलाव भी आपको जल्द ही दिखाई देगा.’
उन्होंने मनरेगा खत्म करके महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश के आरोप संबंधी एक सवाल पर कहा, ‘मनरेगा के नाम के पीछे क्यों पड़े हैं? जो भ्रष्टाचार का साधन था, उस पर हम क्यों बात करें? हमको काम देखना है, नाम नहीं. पुराना कानून ऐसा था कि जिसमें भ्रष्टाचार रोका ही नहीं जा सकता था.’
नए कानून के कारण एक रुपये की भी धांधली नहीं होगी- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘नए कानून में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है और सारी व्यवस्था डिजिटल की गई है. जोन मैपिंग और सैटेलाइट मैपिंग करके विकसित भारत-जी राम जी की हर परियोजना की नीचे से लेकर ऊपर तक निर्धारित मापदंडों के अनुरूप लगातार निगरानी की जाएगी और एक रुपये की भी धांधली नहीं हो सकेगी.’
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में 11 लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों का अपेक्षित विकास नहीं हुआ. इसके अलावा, मनरेगा के माध्यम से जिस राज्य को जितनी धनराशि की जरूरत होती थी, उतनी नहीं मिल पाती थी.
कानून के तहत उत्तर प्रदेश में होंगे ज्यादा बदलाव- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘नए कानून में 100 दिन की रोजगार गारंटी की अवधि को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. साथ ही अगर इसमें किसी तरीके से विलंब होता है तो उसका हर्जाना वसूले जाने का भी प्रावधान है. विकसित भारत-जी राम जी योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है और सबसे ज्यादा आबादी और सर्वाधिक गांव उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए ज्यादा बदलाव भी उत्तर प्रदेश में ही होने वाला है.’
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