केरल स्थित सबरीमाला भगवान अय्यप्पा मंदिर में मकरविलक्कु पर्व से ठीक पहले भारी भीड़ के कारण बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मकरविलक्कु मंदिर का सबसे पवित्र और प्रमुख पर्व माना जाता है, जिसे देखने के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु सबरीमाला पहुंच रहे हैं. पहले से ही पहाड़ी क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ मौजूद है. ऐसे स्थिति बिगड़ गई.
भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस ने पंपा जाने वाले वाहनों को टाउन क्षेत्र में ही रोक दिया. इस फैसले से नाराज श्रद्धालुओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरनम का जाप करते हुए सड़क के बीच बैठकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया. इनमें कई तीर्थयात्री पड़ोसी राज्यों से आए हुए थे.
पैदल यात्रियों को रोकने पर बना तनावपूर्ण माहौल
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने पंपा और निलक्कल क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़ का हवाला देते हुए पैदल यात्रियों को रोकने के लिए रस्सियों का इस्तेमाल किया. स्थानीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, सबरीमाला के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब व्यस्त पेट्टा जंक्शन पर पैदल श्रद्धालुओं को रस्सियों से रोका गया, जिससे पूरा शहर जाम की स्थिति में आ गया.
पुलिस ने जारी किए सख्त दिशा और निर्देश
मकरविलक्कु उत्सव को देखते हुए त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड और स्थानीय पुलिस ने बुधवार के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह 10 बजे तक ही पंपा-निलक्कल सड़क पर वाहनों को अनुमति दी जाएगी, इसके बाद सभी वाहनों को निलक्कल में ही रोक दिया जाएगा. इसके अलावा, सुबह 11 बजे के बाद किसी भी तीर्थयात्री को पंपा से सन्निधानम तक पैदल यात्रा की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन का कहना है कि ये कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं, वहीं श्रद्धालु बेहतर प्रबंधन और समन्वय की मांग कर रहे हैं.



