लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल (LGMF) के 35वें संस्करण का दूसरा चरण इसी महीने यानी जनवरी, 2026 में आयोजित किया जाएगा. इस चरण के तहत देश के पांच बड़े शहरों, नई दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में समारोह का आयोजन किया जाएगा, जहां वैश्विक संस्कृति और संगीत का जीवंत उत्सव देखने को मिलेगा.
LGMF के इस सत्र का प्रमुख आकर्षण कजाखस्तान से पहली बार आ रहा ऑर्केस्ट्रा, कोयर और डांस बैले होगा, जिसमें तीनों प्रस्तुतियां एक साथ देश के पांचों शहरों के मंच पर दिखाई देंगी. यह शानदार प्रस्तुति पारंपरिक कजाख धुनों को आधुनिक और समकालीन कोरियोग्राफी के साथ जोड़ती है और दर्शकों को मध्य एशिया की कला और संस्कृति की एक दुर्लभ और मनमोहक झलक दिखाती है. यह आयोजन एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रतीक है, जो फेस्टिवल के गौरवशाली इतिहास में एक यादगार पल बनने का वादा करता है.
कब और किन शहरों में फेस्टिवल का आयोजन?
- 16 जनवरी, 2026 – नई दिल्ली – बानसेरा पार्क, सराय काले खां.
- 19 जनवरी, 2026 – चंडीगढ़ – चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी.
- 21 जनवरी, 2026 – कोलकाता – ताला प्रत्तय (Tala Prattoy).
- 23 जनवरी, 2026 – चेन्नई – सर मुथा वेंकटसुब्बा राव कॉन्सर्ट हॉल.
- 25 जनवरी, 2026 – बेंगलुरु – श्री सत्य साईं ग्राम
म्यूजिक फेस्टिवल में कौन-कौन सी हस्तियां देंगी प्रस्तुति?
लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल (LGMF) में पद्म विभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विश्व विख्यात वायलन वादक डॉ. एल. सुब्रमनियम अपने संगीत की प्रस्तुति देंगे. इनके साथ भारत की प्रसिद्ध गायिका और मेलोडी क्वीन के नाम जानी जाने वाली कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम भी प्रस्तुति देंगी. कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमनियम को उनके उत्कृष्ट संगीत और गायन के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. इसके अलावा, उन्हें तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड, स्टारडस्ट मिलेलियम अवॉर्ड के साथ कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.
वहीं, सिंगर और सॉन्गराइटर बिंदु सुब्रमनियम भी इस म्यूजिक फेस्टिवल में अपने संगीत का जादू बिखेरेंगी. साथ ही मशहूर वायलन वादक अंबी सुब्रमनियम भी अपनी संगीत का प्रदर्शन करेंगे. जबकि इस लिस्ट में 14 साल की गायिका, सॉन्ग राइटर और वायलन वादक महती सुब्रमनियम भी अपने परिवार के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी.
इनके साथ मैस्ट्रो अब्जाल मुखितदीन और कजाखस्तान से आने वाले अस्ताना फिलहार्मोनिक सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, बैले-गाकु और कजाख चेंबर कोयर ऑफ द अकटोब रिजनल फिलहार्मोनिक भी अपनी कजाखस्तानी कला, संस्कृति और संगीत का प्रदर्शन करेंगी.
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