Thursday, February 12, 2026
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‘प्रधानमंत्री को अपने गृहमंत्री पर कंट्रोल रखना चाहिए’, I-PAC रेड पर भड़कीं ममता बनर्जी, BJP को दी ये चेतावनी

कोलकाता में ED ने I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर कोयला घोटाले से जुड़े मामले को लेकर छापेमारी की, जिसके बाद से पश्चिम बंगाल राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है. ईडी की छापेमारी के बीच सीएम ममता बनर्जी I-PAC चीफ प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी.

हरे रंग की फाइल लेकर बाहर निकलीं सीएम ममता

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘मेरे आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रतीक जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है.’ कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के के प्रतीक के घर पहुंचने के बाद सीएम ममता बनर्जी भी वहां पहुंची. वह लगभग 20-25 मिनट तक वहां रहीं और फिर हाथ में हरे रंग की फाइल लेकर बाहर निकलीं.

उन्होंने कहा, ‘ईडी ने मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा और मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के प्रभारी के आवास की तलाशी ली. वे मेरी पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त कर रहे थे, जिनमें विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के उम्मीदवारों का विवरण था. मैंने इन्हें वापस ले लिया है.’ उन्होंने ईडी अधिकारियों पर सत्तारूढ़ पार्टी की हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, लैपटॉप, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने का आरोप लगाया.

विपक्षी दलों को डरा रहे अमित शाह: ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘क्या राजनीतिक दलों का डेटा एकत्र करना ईडी का काम है?’ तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा, I-PAC पार्टी के आईटी और मीडिया प्रकोष्ठ का भी कामकाज संभालती है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोलते हुए सीएम ममता बनर्जी ने इन तलाश अभियानों को बदले की राजनीति बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के लिए संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.

‘प्रधानमंत्री को अपने गृहमंत्री पर कंट्रोल रखना चाहिए’

उन्होंने कहा, ‘यह कानून का पालन नहीं है. यही तरीका है उन सबसे सख्त गृह मंत्री के काम करने का, जिन पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है? मुझे खेद है, अमित शाह जी, प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री पर नियंत्रण रखना चाहिए.’

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘उन्होंने तब तलाशी शुरू की जब अंदर कोई नहीं था. उन्होंने हमारा डेटा, चुनावी रणनीति और जानकारी अपने सिस्टम में ट्रांसफर कर दी. यह एक अपराध है. उन्होंने दफ्तर से सारे दस्तावेज ले जाने की कोशिश की. मेजें खाली हैं. अगर कागजात दोबारा बनाने पड़े तो इतना समय लगेगा कि चुनाव खत्म हो जाएंगे. क्या उनका ऐसा करना उचित था?’

बंगाल की सीएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक पंजीकृत राजनीतिक दल है और नियमित रूप से आयकर अदा करती है. उन्होंने कहा, ‘हमारे प्रतिनिधि चुने हुए हैं. अगर ईडी को किसी जानकारी की जरूरत होती, तो वे आयकर विभाग से विवरण ले सकते थे.’

‘चोरों की सबसे बड़ी पार्टी है बीजेपी’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पूछा कि केंद्रीय एजेंसियां ​​बीजेपी नेताओं को नोटिस क्यों नहीं भेजतीं. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी चोरों की सबसे बड़ी पार्टी है. अगर हम ईडी की इस तलाशी के जवाब में बंगाल में बीजेपी के पार्टी कार्यालयों पर छापा मारें तो क्या होगा? हम संयम बरत रहे हैं, लेकिन हमारे संयम को हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए.’

सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान कार्यालय से कई फाइल बाहर निकाली गईं और मुख्यमंत्री के वाहन में रख दी गईं, जबकि वह जैन के आवास पर ही थीं. सीएम ममता बनर्जी बाद में सेक्टर-पांच स्थित कार्यालय के लिए रवाना हुईं और लगभग दोपहर एक बजे वहां पहुंचीं. तब तक बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी, जबकि बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती और राज्य मंत्री सुजीत बोस सहित तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और मंत्री पहले से मौजूद थे.

‘राजनीतिक मुकाबला करके दिखाए बीजेपी’

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी कार्यालय पहुंचे. केंद्रीय बलों ने उस बहुमंजिला इमारत के प्रवेश और एग्जिट प्वाइंट को सील कर दिया था जहां आई-पैक का कार्यालय स्थित है. केंद्रीय बल के कर्मियों से संपर्क किए बिना, ममता बनर्जी इमारत में दाखिल हुईं और एक सामान्य लिफ्ट से 11वीं मंजिल पर पहुंचीं, जहां कार्यालय स्थित है जबकि वीआईपी के लिए अलग से लिफ्ट की व्यवस्था उपलब्ध थी.

सीएम ममता ने कहा, ‘यदि बीजेपी बंगाल में जीतना चाहती है तो वह हमसे राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाये.’ उन्होंने कहा कि प्रतीक जैन के आने और काम शुरू करने तक वह आई-पैक कार्यालय में ही रहेंगी. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ईडी की छापेमारी के खिलाफ राज्य के हर ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया.

जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या वह जैन से बात कर पाईं हैं, तो उन्होंने कहा, ‘पार्टी के मामलों के संबंध में मैंने उन्हें फोन कॉल किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और पूछताछ करने पर मुझे पता चला कि उनका फोन ईडी ने ले लिया है. तब मुझे लगा कि शायद उन्होंने हमारी सारी रणनीति और चुनाव संबंधी जानकारी चुरा ली है, जिसके बाद मैं तुरंत उनके आवास पर गई.’ जैन के अपने कार्यालय आने के बाद वह शाम लगभग 4:14 बजे आई-पैक कार्यालय से चली गईं.

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