कांग्रेस पार्टी ने अपने कानून विभाग को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय लीगल डिपार्टमेंट ने बुधवार (7 जनवरी, 2026) को अहम बैठक में देशभर में तहसील स्तर तक लॉ डिपार्टमेंट, RTI और मानवाधिकार से जुड़े लोगों को संगठित करने का फैसला लिया गया.
बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय कानूनी विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अब जिला स्तर पर लॉ डिपार्टमेंट, आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े पांच सदस्यों की कोर टीम बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर कानूनी गतिविधियों का संचालन करेगी.
4 से 6 हफ्ते में पूरा होगा संगठनात्मक ढांचा
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि देश के करीब 10-11 राज्यों के लीगल डिपार्टमेंट अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए. जिन राज्यों में अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुई है, वहां जल्द नियुक्तियां की जाएंगी. पूरी प्रक्रिया को 4 से 6 हफ्तों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
रैपिड रिस्पांस लीगल फोर्स पर बनी सहमति
बैठक में एक रैपिड रिस्पांस फोर्स बनाने पर भी सहमति बनी है. जो जरूरत पड़ने पर तुरंत कोर्ट में प्रभावी कानूनी बहस कर सकेगी. यह फोर्स राज्यवार गठित की जाएगी.
बनेगी ऑल इंडिया लीगल डायरेक्टरी
वहीं, बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला अखिल भारतीय डायरेक्टरी तैयार करने का भी लिया गया. जिसमें कानून विभाग, मानवाधिकार विभाग और आरटीआई विभाग से जुड़े लोगों के नाम प्रदेश, जिला और तहसील स्तर पर अल्फाबेटिकल क्रम में दर्ज होंगे.
जबकि कांग्रेस अब पार्टी से बाहर के युवा वकीलों और कानून से जुड़े युवाओं (21–28/30 वर्ष आयु वर्ग) को जोड़ने के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत चयनित युवा लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ इंटर्न के तौर पर काम करेंगे. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो यही मॉडल आगे विधायकों के साथ भी लागू किया जाएगा.
राहुल गांधी की संगठनात्मक रणनीति से जुड़ा मॉडल
सिंघवी ने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी ने जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने पर जोर दिया है, उसी मॉडल पर अब लीगल, आरटीआई और मानवाधिकार विभागों का भी विस्तार किया जाएगा. वहीं, बैठक में तय सभी फैसलों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंपी जाएगी.
यह भी पढ़ेंः जम्मू कश्मीर के कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, जंगली इलाके में भयंकर फायरिंग



